Tourist Guide: देश के पढ़े-लिखे युवाओं के लिए बजट 2026 में पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जहां केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10,000 नए टूरिस्ट गाइड तैयार करने की योजना की घोषणा की है। यह ऐलान उन युवाओं के लिए सीधा फायदा लेकर आया है जो घूमने-फिरने, प्रकृति से जुड़ने और लोगों के साथ काम करने में रुचि रखते हैं।
बजट 2026: 10,000 नए Tourist Guide तैयार होंगे, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना नौवां बजट पेश करते हुए पर्यटन उद्योग में रोजगार को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में देशभर में 10,000 नए टूरिस्ट गाइड तैयार किए जाएंगे। इस योजना के तहत, भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे हजारों युवाओं के लिए पर्यटन क्षेत्र में सीधा रोजगार तैयार होगा। इस पहल का उद्देश्य केवल गाइड्स की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि ऐसे प्रशिक्षित और जानकार गाइड तैयार करना है जो देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक समृद्ध अनुभव प्रदान कर सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
10,000 नए Tourist Guide: प्रशिक्षण और करियर के अवसर
सरकार की इस योजना के तहत देशभर में 10,000 पढ़े-लिखे युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से भारत के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर केंद्रित होगा। वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर 12 सप्ताह का एक मानक और उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण कोर्स शुरू करेगी। यह कोर्स हाइब्रिड मोड में आयोजित होगा, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की पढ़ाई शामिल होगी। इस कोर्स के माध्यम से देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर गाइड्स को उन्नत कौशल प्रदान किया जाएगा। इसमें इतिहास, संस्कृति, स्थानीय भाषाओं की समझ, पर्यावरण जागरूकता, पर्यटकों के साथ व्यवहार और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को सिखाया जाएगा।
पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के विस्तृत विकल्प
टूरिस्ट गाइड बनने के बाद युवाओं के लिए रोजगार के कई नए रास्ते खुलेंगे। वे सरकारी और निजी टूर कंपनियों के साथ काम कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, होटल उद्योग, ट्रैवल एजेंसियों, एडवेंचर टूर ऑपरेटरों और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स पर भी काम के अवसर प्राप्त होंगे। विशेष रूप से, इको-टूरिज्म और प्रकृति-आधारित यात्रा पर बढ़ते जोर के कारण इको टूरिस्ट गाइड की मांग में तेजी आएगी। पहाड़, जंगल, झील और ट्रेकिंग रूट्स पर काम करने वाले गाइड्स के लिए यह एक सुनहरा मौका होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें
पहाड़ी और वन्यजीव पर्यटन में नए आयाम
बजट में यह भी घोषणा की गई है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में नई माउंटेन ट्रेल्स विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही, पूर्वी घाट में अराकू वैली और पश्चिमी घाट में पुदिगई मलाई जैसे क्षेत्रों में स्थायी ट्रेल्स का विकास किया जाएगा। इन नई ट्रेल्स के निर्माण से स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड, ट्रेक लीडर और नेचर गाइड के रूप में रोजगार मिलेगा, जिससे ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार ने वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। इसके तहत, ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुओं के ट्रेल्स, नेस्टिंग साइट्स और पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स का निर्माण किया जाएगा। इन विशेष स्थानों पर काम करने के लिए ऐसे गाइड्स की आवश्यकता होगी जिन्हें प्रकृति, पक्षियों और वन्यजीवों की गहन जानकारी हो। यह पहल पर्यावरण के प्रति जागरूक युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर खोलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







