बजट 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026 पेश कर दिया है और इसके साथ ही देश भर में आम लोगों, महिलाओं, किसानों तथा युवाओं से जुड़ी उम्मीदों और निराशाओं का विश्लेषण तेज हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए इस लगभग 53 लाख करोड़ रुपये से अधिक के विशाल बजट में, नए रेल कॉरिडोर और गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने जैसी महत्वपूर्ण घोषणाओं ने कुछ वर्गों में राहत की किरण जगाई है। हालांकि, बजट के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कई ऐसे मुद्दे थे, जिन पर लोगों को सरकार से बड़ी उम्मीद थी। इस बार के बजट में उन पर कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसे में इस बजट को लेकर कुछ अधूरी उम्मीदों की बातें भी सामने आ रही हैं। आइए जानते हैं, इस बारे में…..
केंद्रीय बजट 2026: क्या अधूरी रह गईं आम आदमी और निवेशकों की उम्मीदें?
बजट 2026: निवेशकों को नहीं मिली खास राहत
शेयर बाजार से जुड़े निवेशकों को इस बजट से खास निराशा हाथ लगी है। F&O में कारोबार करने वालों के लिए ट्रांजैक्शन चार्ज में बढ़ोतरी की गई है, जबकि वे इसमें कमी की उम्मीद कर रहे थे। इसके अलावा, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स (STCG) में भी कोई बदलाव न करने का फैसला लिया गया है। निवेशकों को उम्मीद थी कि सरकार टैक्स में कटौती करके उन्हें राहत देगी, लेकिन बजट में इससे संबंधित कोई ऐलान नहीं किया गया है।
इस बार के बजट से आम टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स में छूट की उम्मीद थी। सरकार की ओर से पिछले बजट में 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर जीरो टैक्स की सुविधा दी गई थी। ऐसे में लोग उम्मीद कर रहे थे कि इस सीमा को बढ़ाकर 14 लाख रुपये किया जा सकता है। लेकिन सरकार ने इसमें किसी तरह के बदलाव न करने का फैसला लिया है, जिससे लाखों करदाताओं को झटका लगा है।
किसानों को भी इस बजट से बड़ी राहत की उम्मीद थी, खासकर पीएम किसान योजना को लेकर वे सरकार से उम्मीदें लगाए बैठे हुए थे। माना जा रहा था कि किसानों को मिलने वाली 6,000 रुपये की सहायता राशि को दोगुना करके 12,000 रुपये किया जा सकता है। लेकिन सरकार ने इस योजना में कोई बदलाव नहीं किया। साथ ही, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर भी कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है, जिससे अन्नदाताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वरिष्ठ नागरिकों की उम्मीदों पर असर
इस बार के बजट से उम्मीद की जा रही थी कि सीनियर सिटीजन के लिए बीमा योजनाओं में अतिरिक्त सहयोग और रेलवे टिकट में कुछ रियायतों का ऐलान हो सकता है। हालांकि, सरकार ने केवल नए रेल कॉरिडोर की घोषणा की और बुजुर्गों के लिए कोई सीधी सुविधा नहीं दी है। वित्तीय बाजारों की गहराई और अर्थव्यवस्था पर इसके व्यापक प्रभाव को समझने के लिए, रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







