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Bihar Intermediate Exam: सीवान में परीक्षा केंद्र पर लेट पहुंचे छात्र, नहीं मिली एंट्री, भीड़ ने जबरन खोला गेट

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Bihar Intermediate Exam: शिक्षा के महाकुंभ में जब नियम और संयम की डोर टूटी, तो हंगामा बरपा। आज से बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षाएँ शुरू हो गई हैं और पहले ही दिन कई केंद्रों पर अव्यवस्था देखने को मिली।

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Bihar Intermediate Exam: सीवान में नियमों की अग्निपरीक्षा

Bihar Intermediate Exam: बिहार में आज से इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाएँ पूरे जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। लाखों छात्र-छात्राएँ अपने भविष्य को संवारने के लिए इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं, लेकिन पहले ही दिन कई जिलों से अव्यवस्था और हंगामे की खबरें सामने आई हैं। इसी कड़ी में, सीवान जिले के परीक्षा केंद्रों पर भी खासा गहमागहमी देखने को मिली। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सीवान जिले में इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए कुल 53 केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ हजारों परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

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सोम को सीवान शहर के डीएवी हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब निर्धारित समय से देर से पहुंचने वाले कई परीक्षार्थियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा केंद्र के कड़े नियमों के तहत, एक भी मिनट की देरी पर प्रवेश वर्जित होता है, जिसका पालन केंद्र प्रबंधन द्वारा सख्ती से किया जा रहा था। जब कई छात्र-छात्राओं को गेट पर ही रोक दिया गया, तो बाहर इंतजार कर रहे उनके अभिभावक और अन्य लोग आक्रोशित हो उठे।

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भीड़ का गुस्सा ऐसा भड़का कि उन्होंने नियमों की परवाह न करते हुए, जबरन परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार खोलने का प्रयास किया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और गुस्साई भीड़ ने धक्का-मुक्की कर गेट खुलवा दिया, जिसके बाद देर से पहुंचे कुछ छात्र अंदर दाखिल हो गए। इस घटना से सीवान परीक्षा केंद्र पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और वीक्षकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह की घटनाएँ अक्सर परीक्षा के दौरान देखने को मिलती हैं, जब नियमों का कड़ाई से पालन करने पर अभिभावकों और छात्रों का संयम टूट जाता है।

परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, लेकिन छात्रों और अभिभावकों को भी समय-सीमा का पालन करना आवश्यक है। ऐसी घटनाओं से ना केवल परीक्षा का माहौल बिगड़ता है, बल्कि अन्य परीक्षार्थियों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

परीक्षा नियमों का महत्व और छात्रों को सलाह

परीक्षा शुरू होने से काफी पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी जाती है ताकि किसी भी तरह की जल्दबाजी या unforeseen परिस्थितियों से बचा जा सके। छात्रों को चाहिए कि वे अपने एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज समय पर तैयार रखें और ट्रैफिक या अन्य किसी भी बाधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन और स्कूल प्रबंधन का भी दायित्व है कि वे नियमों का पालन करवाते हुए, छात्रों और अभिभावकों के साथ संयम बरतें ताकि ऐसी अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके और परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।

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