

Muzaffarpur Inter Exam: किस्मत भी कभी-कभी ऐसी परीक्षा लेती है, जिसमें सालभर की मेहनत एक पल की देरी पर भारी पड़ जाती है। मुजफ्फरपुर में इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले ही दिन ऐसा ही हृदय विदारक दृश्य सामने आया, जहां एक छात्रा की आंखों से आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे और उसकी पूरी मेहनत एक मिनट की देरी ने मिट्टी में मिला दी।
Muzaffarpur Inter Exam: मुजफ्फरपुर में एक मिनट की देरी ने छात्रा की सालभर की मेहनत पर फेरा पानी, गेट पर फूट-फूटकर रोई
Muzaffarpur Inter Exam: एक मिनट की देरी और टूट गए सारे सपने
बिहार में इंटरमीडिएट परीक्षा का आगाज हो चुका है, लेकिन पहले ही दिन मुजफ्फरपुर के आरबीबीएम कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक ऐसी घटना घटी, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए। एक छात्रा, जिसने सालभर कड़ी मेहनत से परीक्षा की तैयारी की थी, उसे महज एक मिनट की देरी के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला। सुबह 9 बजे के बाद गेट बंद होने के सख्त परीक्षा नियम का हवाला देते हुए ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने उसे भीतर नहीं जाने दिया। छात्रा गेट पर गिरकर रोती रही और बार-बार हाथ जोड़कर गुहार लगाती रही, “सर प्लीज गेट खोल दीजिए… बहुत मेहनत से तैयारी किए हैं… 9 बजे ही पहुंच गए थे, बस थोड़ा सा लेट हो गया।” उसकी यह मार्मिक पुकार किसी का दिल नहीं पसीज पाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
छात्रा की आँखों में बेबसी और उसकी आवाज़ में दर्द साफ झलक रहा था। बाहर खड़े अभिभावक और अन्य छात्र भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए, लेकिन कड़े परीक्षा नियम के आगे सब बेबस थे। बताया जा रहा है कि छात्रा समय के आसपास ही पहुंची थी, लेकिन यातायात की भीड़ या अन्य किसी कारणवश वह बस एक मिनट लेट हो गई। परीक्षा से वंचित होने के बाद वह जमीन पर बैठकर लगातार रोती रही, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया।
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ट्रैफिक जाम से जूझते छात्र, कोई समय पर पहुंचा तो कोई वंचित रहा
एक तरफ जहां आरबीबीएम कॉलेज में एक छात्रा का भविष्य एक मिनट की देरी के कारण अंधकारमय हो गया, वहीं दूसरी ओर एलएस कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कुछ छात्रों की कहानी संघर्ष और सफलता की मिसाल बनी। ये छात्र सुबह के समय भारी ट्रैफिक जाम में फंस गए थे। परीक्षा छूटने के डर से उन्होंने बिना देर किए अपने वाहन छोड़े और पैदल ही दौड़ते हुए परीक्षा केंद्र तक पहुंचे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पसीने से तर-बतर ये छात्र अंततः समय रहते परीक्षा केंद्र में प्रवेश पा गए और अपनी परीक्षा दे पाए। यह घटना दर्शाती है कि जहाँ कुछ छात्रों की किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया, वहीं कुछ ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत से बाधाओं को पार कर लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





