

जब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते आम आदमी की चप्पलें घिस जाती हैं और इंसाफ की उम्मीद दम तोड़ने लगती है, तब मधुबनी में संवाद की एक नई किरण ने लोगों को राहत दी है। Madhubani News: जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अगुवाई में ‘सेवा-संवाद-समाधान’ प्रणाली के तहत आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे डीएम के सामने रखा और त्वरित समाधान का आश्वासन पाया।
Madhubani News: इन गंभीर शिकायतों पर हुई सुनवाई
सोमवार को समाहरणालय में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जिले के कोने-कोने से लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने एक-एक कर सभी की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। कार्यक्रम में कई गंभीर मामले सामने आए, जिनमें जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें सबसे अधिक थीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जन संवाद में आईं कुछ प्रमुख शिकायतें इस प्रकार हैं:
- रहिका के ककरौल निवासी लालबाबू सिंह ने अपनी खरीदी हुई जमीन पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
- भावना झा नामक एक महिला ने साइबर थाने में दर्ज एक मामले की निष्पक्ष जांच कराने, होल्ड की गई राशि को जारी करवाने और आरोपी द्वारा धमकी दिए जाने की गंभीर शिकायत की।
- साहरघाट के सलीमपुर टोला के एक निवासी ने अपने पूर्वजों की खतियानी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने का आवेदन दिया।
- पंडौल के बद्री नारायण झा ने बताया कि अंचलाधिकारी की निगरानी में जमीन की मापी होने के बावजूद उन्हें अब तक दखल नहीं दिलाया गया है।
- बाबूबरही की निशा कुमारी ने अपने घर के सामने स्थित बिहार सरकार की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई।
- वहीं, रहिका की सोमनी खातून ने मुंबई में दुर्घटना में अपने बेटे की मृत्यु के बाद सरकारी लाभ दिलाने के लिए गुहार लगाई। इन सभी मामलों पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया।
क्या है ‘सेवा-संवाद-समाधान’ प्रणाली?
यह कार्यक्रम बिहार सरकार की ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) पहल का एक हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों से जुड़े कामों के लिए किसी भी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह प्रणाली जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक लागू की गई है, ताकि शासन और जनता के बीच की दूरी को कम किया जा सके।
इस प्रणाली के तहत, सभी संबंधित पदाधिकारियों को एक विशेष लॉगिन आईडी प्रदान की गई है। इसके माध्यम से वे अपने क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों को ऑनलाइन देख सकते हैं और उनका समय पर निपटारा सुनिश्चित कर सकते हैं। यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता लाती है, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करती है। कार्यक्रम का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति अपनी जायज समस्या के समाधान के लिए दर-दर भटकने को मजबूर न हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अधिकारियों को दिए गए त्वरित समाधान के निर्देश
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि जन संवाद में प्राप्त सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद लोगों का सरकार और प्रशासन में विश्वास मजबूत करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह के कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि कोई भी फरियादी निराश न लौटे।


