Gold Price: पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी के दामों में तेज गिरावट ने निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है। जहां बीते एक साल से वैश्विक उथल-पुथल के बीच इन कीमती धातुओं के भाव आसमान छू रहे थे, वहीं अब अचानक आई यह गिरावट क्या खरीदने का सही मौका है या बाजार और नीचे गिरेगा, यह बड़ा सवाल बन गया है। दरअसल, रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद सर्राफा बाजार में इस भारी गिरावट के पीछे अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मजबूती और अमेरिका की आगामी मौद्रिक नीति से जुड़ी उम्मीदें प्रमुख कारण मानी जा रही हैं।
Gold Price: सोने और चांदी में ऐतिहासिक गिरावट, क्या अब निवेश का सही समय है?
वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मौजूदा गिरावट के पीछे ट्रंप प्रशासन द्वारा केविन वार्श को यूएस फेडरल रिजर्व के प्रमुख पद के लिए नामित किए जाने की बढ़ती अटकलें एक अहम वजह हैं। इन अटकलों ने ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदों को बढ़ावा दिया है, जिसका सीधा असर डॉलर की मजबूती और कीमती धातुओं पर देखने को मिला है। इसके अतिरिक्त, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और भविष्य की नीतिगत संकेत भी बाजार की चाल को प्रभावित कर रहे हैं।
घरेलू स्तर पर, आगामी बजट 2026 में सोने-चांदी को लेकर कोई बड़ी घोषणा न होने से इन धातुओं को कोई विशेष समर्थन नहीं मिल पाया। अब निवेशकों की निगाहें आरबीआई के आने वाले निर्णयों, अमेरिका के रोजगार आंकड़ों और पीएमआई डेटा पर टिकी हैं, जो भविष्य में कीमतों की स्थिरता या अस्थिरता की दिशा तय करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Gold Price: बाजार विशेषज्ञों की राय और भविष्य की संभावनाएं
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, निवेशकों को आने वाले समय में बेहद सतर्कता के साथ निवेश के कदम उठाने की जरूरत है। रविवार को लगातार दूसरे दिन भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जहां वायदा कारोबार में चांदी की कीमत नौ प्रतिशत टूटकर 2.65 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि सोना तीन प्रतिशत गिरकर 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में मार्च डिलीवरी वाली चांदी निचले सर्किट पर बंद हुई। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के ईबीजी—कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च के उपाध्यक्ष प्रणव मेर के मुताबिक, घरेलू कमोडिटी बाजार में सोना अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से करीब 20 प्रतिशत नीचे आ चुका है, जबकि चांदी लगभग 37 प्रतिशत फिसल चुकी है। यह हालिया तेज मुनाफावसूली और कीमतों में आई अत्यधिक तेजी के बाद की स्वाभाविक गिरावट को दर्शाता है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में इस तरह का करेक्शन स्वस्थ होता है और यह नए निवेशकों के लिए एक अवसर भी पैदा कर सकता है। हालांकि, मौजूदा वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
निवेश से पहले ध्यान रखने योग्य बातें
बाजार में निवेश हमेशा जोखिमों से भरा होता है। सोने और चांदी की कीमतें कई बाहरी कारकों जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और भू-राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित होती हैं। इसलिए, किसी भी बड़े निवेश से पहले वित्तीय सलाहकारों से परामर्श करना बुद्धिमानी होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
(यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)







