Stock Market: आम बजट के दिन आई अप्रत्याशित गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों ने सोमवार को जबरदस्त वापसी दर्ज की। तेल एवं गैस, बैंकिंग और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिसने निवेशकों के खोए हुए भरोसे को फिर से बहाल किया। इस तेजी ने बाजार में एक नई उम्मीद जगाई है, खासकर तब जब वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कुछ नरमी के संकेत मिल रहे हैं।
# बजट के झटके से उबरा भारतीय Stock Market: सेंसेक्स 81,600 के पार, बाजार में बड़ा उछाल
## Stock Market की इस तेजी के पीछे की वजहें और निवेशकों का बदला रुख
आम बजट के दिन प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने के प्रस्ताव ने बाजारों में भारी बिकवाली को जन्म दिया था। रविवार को आयोजित विशेष कारोबारी सत्र में बीएसई सेंसेक्स 1,546 अंक गिरकर 80,722 पर और एनएसई निफ्टी 495 अंक टूटकर 24,825 पर बंद हुआ था, जिससे निवेशक मायूस थे। हालांकि, सोमवार को बाजार ने इस झटके से उबरते हुए मजबूत वापसी की।
सोमवार के कारोबार में, बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक या 1.17 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 81,666.46 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,009 अंक से अधिक चढ़कर 81,732 के उच्च स्तर तक पहुंच गया था, जो बाजार के मजबूत सेंटीमेंट को दर्शाता है। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 262.95 अंक या 1.06 प्रतिशत बढ़कर 25,088.40 अंक पर बंद हुआ और दिन में 25,108 के स्तर तक पहुंचा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बाजार में इस शानदार तेजी का सबसे प्रमुख कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 4.88 प्रतिशत टूटकर 65.94 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिसने भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्थाओं के लिए बड़ी राहत लाई। कच्चे तेल की सस्ती कीमतें महंगाई और कंपनियों की इनपुट कॉस्ट पर सकारात्मक असर डालती हैं, जिससे आर्थिक विकास को बल मिलता है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि एसटीटी में बढ़ोतरी और सरकार की ऊंची उधारी योजनाओं से पहले बाजार में अस्थिरता बढ़ी थी। लेकिन, बजट 2026-27 में नीतिगत निरंतरता, विकास पर स्पष्ट जोर और राजकोषीय अनुशासन के प्रति प्रतिबद्धता ने मध्यम और दीर्घकालिक आय को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। यह निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
सेंसेक्स की कंपनियों में पावर ग्रिड और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा लाभ देखने को मिला। इसके अलावा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे दिग्गज शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाजार की रैली को मजबूती दी। दूसरी ओर, एक्सिस बैंक, इंफोसिस, टीसीएस, ट्रेंट और टाइटन के शेयर मामूली नुकसान के साथ बंद हुए। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/business/
## वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख और विदेशी निवेश का प्रभाव
नायर ने यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और अमेरिका-ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों से भारतीय बाजार को अतिरिक्त सहारा मिला। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने रविवार को 588.34 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जो एक चिंता का विषय बना हुआ है। इसके बावजूद, घरेलू निवेशकों की सक्रियता ने बाजार को सहारा दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी पांच प्रतिशत से ज्यादा टूटा, जबकि जापान, चीन और हांगकांग के बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। यह दर्शाता है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं अभी भी बरकरार हैं। वहीं, यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख रहा और अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नुकसान में बंद हुए थे। हालांकि, भारतीय बाजार ने इन वैश्विक संकेतों के बावजूद अपनी मजबूती दिखाई, जो इसकी आंतरिक क्षमता और निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







