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फ़रवरी, 25, 2026
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Darbhanga News: जाले कृषि विज्ञान केंद्र में Micro-irrigation प्रशिक्षण से बदली युवाओं की तकदीर

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Micro-irrigation: जल ही जीवन है, पर जब पानी की बूंद-बूंद सहेजी जाए, तो फसलें भी लहलहा उठती हैं और धरती का कर्ज भी चुक जाता है। दरभंगा जिले के जाले स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में एक ऐसे ही प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई है, जो ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कृषि की राह दिखाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र में वरीय वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर की अध्यक्षता में ग्रामीण युवक एवं युवतियों के लिए ‘सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की स्थापना एवं रखरखाव’ विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कार्यक्रम समन्वयक ई. निधि कुमारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को टपक सिंचाई, फव्वारा विधि, माइक्रो स्प्रिंकलर सहित विभिन्न सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों की स्थापना व रखरखाव की गहन जानकारी दी जा रही है।

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Micro-irrigation: आधुनिक कृषि का आधार

इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाने, हाईटेक नर्सरी की सिंचाई एवं उर्वरक प्रणाली के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। ई. निधि कुमारी ने जोर देकर कहा कि सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाने से जल उपयोग क्षमता में 80 से 95 प्रतिशत तक की वृद्धि होती है, जिससे 30 से 35 प्रतिशत पानी की बचत संभव है। यह तकनीक न केवल किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि जल संरक्षण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण में गृह वैज्ञानिक डॉ. पूजा कुमारी, उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा, प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ. चंदन कुमार सहित अन्य वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस पहल से किसानों को कम पानी में अधिक उपज प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह कार्यक्रम आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगा।

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भविष्य की खेती और किसानों का सशक्तिकरण

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दरभंगा जिले के 25 कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन युवाओं को मिल रही यह विशेषज्ञता उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनेंगे। कृषि विज्ञान केंद्र का यह प्रयास किसानों को नई तकनीकों से जोड़कर कृषि उत्पादकता बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह के कार्यक्रम बिहार में कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण और किसानों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।

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