



Darbhanga News: दरभंगा की सर्द शाम उस वक़्त खून से लाल हो गई जब अलाव की गर्मी ले रहे एक शख्स को बदमाशों ने गोलियों की गर्मी से हमेशा के लिए शांत कर दिया। कमतौल अहियारी में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
रविवार की शाम करीब सात बजे नगर पंचायत कमतौल अहियारी के वार्ड संख्या तीन में यह खौफनाक घटना घटी। 55 वर्षीय हरिशंकर शर्मा अपने घर के दरवाजे पर ठंड से बचने के लिए अलाव ताप रहे थे, तभी बाइक पर सवार होकर आए अज्ञात बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस हमले से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग दहशत में आ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और जल्द से जल्द मामले के खुलासे का दावा किया है।
Darbhanga News: क्या कहती है पुलिस और क्या हैं जांच के पहलू
सोमवार को पुलिस ने मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की। इस मामले पर जानकारी देते हुए सदर एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि मृतक की पत्नी चंदा कुमारी के बयान के आधार पर कुछ संदिग्धों की पहचान कर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस किसी भी तरह की आपसी रंजिश या लेनदेन के विवाद सहित हत्या के सभी संभावित कारणों पर बारीकी से जांच कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जांच को गति देने के लिए टेक्निकल सेल और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम की भी मदद ली जा रही है।
गांव में पसरा मातम, हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग
सुबह पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही हरिशंकर शर्मा का शव गांव पहुंचा, उनके दरवाजे पर मातम का माहौल छा गया। अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच परिजन और रिश्तेदार एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे थे। गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। लोगों का कहना था कि हरिशंकर का गांव में किसी से कोई बैर नहीं था, फिर उनकी हत्या क्यों और किसने की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। ग्रामीणों में हत्यारों के प्रति गहरा आक्रोश है और वे उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
मृतक हरिशंकर शर्मा उर्फ बिजली पेशे से न्यायालय में मुंशी का काम करते थे और अक्सर दरभंगा, बेनीपट्टी और मधुबनी कोर्ट से जुड़े मामलों में लोगों की मदद करते थे। उनकी पत्नी चंदा कुमारी एक सरकारी शिक्षिका हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परिवार में एक बेटा आनंद कुमार और एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि किसी केस में पैरवी से जुड़ा कोई विवाद उनकी हत्या का कारण बना हो।
गंभीर रूप से घायल होने के बाद परिजन उन्हें तुरंत डीएमसीएच ले गए थे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर संजीव कुमार चौधरी ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। सोमवार को उनके पुत्र आनंद कुमार उर्फ ‘राजा’ ने उन्हें मुखाग्नि दी, जिसके साथ ही एक हँसता-खेलता परिवार उजड़ गया। पुलिस अब हत्यारों की तलाश में जुटी है।



