



Shab-e-Barat: आज शब-ए-बारात की पावन रात्रि है, जो इस्लामी कैलेंडर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व मानी जाती है। यह रात अल्लाह की रहमत और बरकत से भरी होती है, जब भक्तगण अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और अल्लाह की खूब इबादत करते हैं।
Shab-e-Barat 2026: गुनाहों की माफी और रहमतों की रात
शब-ए-बारात: रहमतों और इबादत की रात
यह वह विशेष रात्रि है जब अल्लाह अपने बंदों पर रहमतों की बारिश करते हैं और उनके गुनाहों को माफ करते हैं। मुस्लिम धर्मावलंबी इस रात को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ गुजारते हैं। वे जागकर अल्लाह की इबादत करते हैं, दुआएं मांगते हैं और तौबा करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस रात को अल्लाह तआला आने वाले साल का भाग्य तय करते हैं और इसलिए यह रात अल्लाह से अपने लिए और अपने प्रियजनों के लिए बेहतर तकदीर मांगने का अवसर प्रदान करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस रात को नेक कामों में बिताने से अल्लाह की खूब कुर्बत (निकटता) हासिल होती है।
शब-ए-बारात की रस्में और रीति-रिवाज
इस मुक़द्दस रात में लोग कब्रिस्तान जाकर अपने पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़ते हैं और उनके लिए दुआ करते हैं। घरों में विशेष पकवान जैसे हलवा आदि बनाए जाते हैं और गरीबों में बांटे जाते हैं। यह रात दान-पुण्य और दूसरों की मदद करने का भी संदेश देती है। कई लोग इस रात में कुरान की तिलावत करते हैं और नमाज़ पढ़कर अल्लाह से अपनी दिली मुरादें मांगते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
निष्कर्ष और आध्यात्मिक संदेश
शब-ए-बारात की यह मुबारक रात हमें आत्म-चिंतन, प्रायश्चित और अल्लाह के प्रति अपनी आस्था को मजबूत करने का अवसर देती है। इस रात में सच्चे दिल से की गई इबादत और तौबा निश्चित रूप से स्वीकार होती है। इस पावन अवसर पर सभी को चाहिए कि वे अपने गुनाहों की माफी मांगें और भविष्य में नेक राह पर चलने का संकल्प लें। यह रात हमें रहमतों से दामन भरने और आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त करने का मौका प्रदान करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।




