Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऐलान ने मंगलवार को भारतीय बाजारों और रुपये दोनों में जबरदस्त उत्साह भर दिया। सोमवार देर रात समझौते की खबर आते ही, अगले दिन के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 2,600 अंकों तक उछल गया, जबकि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 1.2 प्रतिशत की मजबूती के साथ तेजी से चढ़ा।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: भारतीय बाजारों में जबरदस्त उछाल और निर्यात सेक्टर को मिली नई उड़ान
इस ऐतिहासिक ट्रेड डील के तहत, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर प्रस्तावित 50 प्रतिशत हाई टैरिफ की जगह अब सिर्फ 18 प्रतिशत शुल्क लगाने का ऐलान किया है। इससे खास तौर पर निर्यात-उन्मुख सेक्टरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। मंगलवार, 3 फरवरी की सुबह कपड़ा और चमड़ा क्षेत्र के कई शेयरों में 20 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
भारतीय उत्पादों को ट्रेड डील से मिली बड़ी राहत
अमेरिकी शुल्क में भारी कटौती ने भारतीय उद्योगों में नई जान फूंक दी है। इसका सीधा असर विभिन्न कंपनियों के शेयरों पर दिखा:
- केपीआर मिल्स का शेयर: 20 प्रतिशत चढ़ा
- गरवारे टेक्निकल फाइबर्स: 20 प्रतिशत चढ़ा
- वेलस्पन लिविंग: 19.85 प्रतिशत चढ़ा
- वर्धमान टेक्सटाइल: 19.60 प्रतिशत चढ़ा
- ट्राइडेंट: 19.52 प्रतिशत चढ़ा
- रेमंड लाइफस्टाइल: 9.56 प्रतिशत बढ़ा
- पेज इंडस्ट्रीज: 5.31 प्रतिशत बढ़ा
चमड़ा और फुटवियर सेक्टर में भी उत्साह देखने को मिला, जहां भारतीय इंटरनेशनल 10.70 प्रतिशत, मयूर यूनिकोटर्स 7.39 प्रतिशत, बाटा इंडिया 5 प्रतिशत और मेट्रो ब्रांड्स 3.96 प्रतिशत ऊपर रहे। यह तेजी शेयर बाजार में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
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इस समझौते का व्यापक प्रभाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी शुल्क में कटौती का स्वागत करते हुए इसे ‘मेड इन इंडिया’ पहल के लिए बड़ा प्रोत्साहन बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि भारतीय उत्पादों को अब अमेरिका में सिर्फ 18 प्रतिशत का कम जवाबी शुल्क देना होगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व का आभार जताया और कहा कि इससे दोनों देशों के लोगों को लाभ होगा। यह बयान बताता है कि सरकार इस ट्रेड डील को कितनी गंभीरता से ले रही है।
यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई उच्चस्तरीय टेलीफोन बातचीत के बाद संभव हुआ है। इसके बदले भारत ने अमेरिकी वस्तुओं के लिए व्यापार बाधाएं कम करने और ऊर्जा, प्रौद्योगिकी तथा कृषि समेत कई क्षेत्रों में आयात बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
टैरिफ कटौती के पीछे की कहानी
गौरतलब है कि अमेरिका की तरफ से भारत के ऊपर 50 प्रतिशत का हाई टैरिफ लगाया गया था, जिनमें से 25 प्रतिशत बेस टैरिफ जबकि अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से लगाया गया था। लेकिन भारत ने हाल में रूस से तेल खरीद में कटौती का ऐलान किया था। ऐसे में यह ट्रेड डील एक बड़ी राहत लेकर आया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों और आर्थिक रणनीतियों का सीधा असर हमारे बाजारों पर पड़ता है। घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारतीय उद्योगों को अब एक नई प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को और गति मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह डील भारत के निर्यात-उन्मुख उद्योगों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है, जिससे वे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी पैठ मजबूत कर सकते हैं।







