
Left Wing Extremism: कभी हिंसा के लाल निशान से दहकने वाले इलाकों में अब शांति की बयार बह रही है। एक दशक में सुरक्षा बलों की अथक मेहनत और सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति ने वामपंथी उग्रवाद को उसके पैर उखाड़ने पर मजबूर कर दिया है, जिससे देश के कई हिस्से अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
Left Wing Extremism: वामपंथी उग्रवाद पर बड़ी खबर, हिंसा में 88% और मौतों में 90% की रिकॉर्ड कमी
Left Wing Extremism: कैसे घटी हिंसा की घटनाएं?
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को संसद में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि देश में वामपंथी उग्रवाद (LWE) से जुड़ी हिंसा में पिछले एक दशक में अभूतपूर्व कमी आई है। 2010 की तुलना में हिंसा की घटनाओं में 88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि नागरिकों और सुरक्षा बलों की मौतों में भी 90 प्रतिशत की भारी कमी आई है। भाजपा सांसद रूपकुमारी चौधरी के एक प्रश्न के उत्तर में, मंत्री ने बताया कि 2010 में जहां नागरिकों और सुरक्षा बलों के कुल 1005 लोगों की जान गई थी, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर मात्र 100 रह गई है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बारे में उन्होंने कहा कि 2025 में 364 नक्सलियों को मार गिराया गया, 1022 को गिरफ्तार किया गया और 2337 को आत्मसमर्पण करने में मदद की गई। यह दिखाता है कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मंत्री नित्यानंद राय ने आगे विस्तार से बताया कि वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसा की घटनाओं में भी बड़ी गिरावट आई है। 2010 में जहां ऐसी 1936 घटनाएं दर्ज की गई थीं, वहीं 2025 तक यह संख्या घटकर केवल 234 रह गई, जो 88% की प्रभावशाली कमी है। इस कमी का सीधा असर जानमाल के नुकसान पर भी पड़ा है। नागरिकों और सुरक्षा बलों की मौतें 2010 में 1005 के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर 2025 में सिर्फ 100 पर आ गई हैं, जो 90% की गिरावट दर्शाती है। 2025 में, सुरक्षा बलों ने 364 Naxals को मार गिराया, 1022 को गिरफ्तार किया और 2337 को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दायरा भी काफी सिकुड़ गया है। 2010 में जहां 465 पुलिस स्टेशनों से वामपंथी उग्रवाद संबंधी हिंसा की खबरें आती थीं, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर मात्र 119 रह गई है। यह दर्शाता है कि प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और शांति स्थापित हुई है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1 और हमारा लक्ष्य सटीक जानकारी देना है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
वामपंथी उग्रवाद का घटता प्रभाव
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में देश के केवल 8 जिले ही वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित हैं। इनमें से 6 जिले छत्तीसगढ़ में, एक झारखंड में और एक ओडिशा में स्थित हैं। सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक भारत को वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, और मौजूदा आंकड़े इस दिशा में हुई प्रगति को दर्शाते हैं। इससे पहले, गृह मंत्रालय ने अपनी 2025 की वर्ष-अंत समीक्षा में बताया था कि छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों में चलाए गए विभिन्न बड़े अभियानों के कारण 2025 में 300 से अधिक Naxalite कार्यकर्ताओं को निष्क्रिय किया गया। यह एक कैलेंडर वर्ष में निष्क्रिय किए गए उग्रवादियों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है, जो सुरक्षा एजेंसियों की दृढ़ता और समन्वय को उजागर करती है। यह जानकारी आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1 की टीम के माध्यम से।




