



Bihar Inter Exam: शिक्षा का द्वार हर किसी के लिए खुलता है, पर कुछ अनजानी राहों पर चलते हुए, कुछ मुसाफिर बीच राह ही लौट जाते हैं। कटिहार जिले में मंगलवार को दूसरे दिन इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षा का आयोजन कुल 52 परीक्षा केंद्रों पर किया गया। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पड़ाव में, 261 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। यह आंकड़ा उन छात्रों की संख्या को दर्शाता है जो किसी कारणवश अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और वीडियोग्राफी भी कराई जा रही थी। छात्रों की उपस्थिति और अनुपस्थिति का यह विश्लेषण आगामी शैक्षणिक नीतियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
Bihar Inter Exam: कटिहार में परीक्षा के दूसरे दिन की विस्तृत रिपोर्ट
परीक्षा के पहले दिन से ही छात्रों की उपस्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है। अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के कारणों की भी पड़ताल की जा सकती है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कटिहार के विभिन्न परीक्षा केंद्र पर सुबह से ही छात्रों और अभिभावकों की भीड़ देखने को मिली। शिक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की धांधली या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अनुपस्थिति के संभावित कारण और आगे की राह
अधिकारियों ने बताया कि दूसरे दिन भी परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या कदाचार की सूचना नहीं मिली है। 261 छात्रों का परीक्षा छोड़ना एक चिंता का विषय है, जिसपर शिक्षा विभाग को ध्यान देना होगा। कई बार स्वास्थ्य समस्याएँ, व्यक्तिगत परिस्थितियां या फिर तैयारी की कमी भी ऐसे फैसलों का कारण बन सकती है। परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन किया गया, जिसमें मास्क पहनना और सामाजिक दूरी बनाए रखना शामिल था। छात्रों और शिक्षकों दोनों ने ही संयम का परिचय दिया। भविष्य में ऐसी अनुपस्थिति को कम करने के लिए जागरूकता अभियान और छात्रों को मानसिक सहयोग प्रदान करने पर विचार किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक छात्र को अपनी परीक्षा देने का अवसर मिले और वे बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।


