

Mahashivratri 2025: जैसे-जैसे शिवरात्रि का पर्व नज़दीक आ रहा है, देवों के देव महादेव के भक्तों का उत्साह भी सातवें आसमान पर है। इसी कड़ी में कुशेश्वरस्थान पूर्वी में स्थित प्रसिद्ध श्री बाबा कुशेश्वर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारियों को लेकर मंगलवार को एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक न्यास समिति के अध्यक्ष सह एसडीओ शशांक राज की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई।
बैठक में आगामी 15 फरवरी को होने वाले महाशिवरात्रि पर्व की रूपरेखा तैयार की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। लिए गए फैसलों में मंदिर परिसर में स्थित सभी मंदिरों का रंग-रोगन कर उन्हें आकर्षक रूप से सजाना, शिव गंगा घाट सहित पूरे परिसर की खराब लाइटों को ठीक करना या उनकी जगह नई लाइटें लगाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, शिव गंगा घाट पर स्नान करने वाली महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी चेंजिंग रूम (टेंट) लगाने का भी निर्णय लिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Mahashivratri 2025 पर सुरक्षा और सजावट के पुख्ता इंतजाम
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को सुगम और सुरक्षित माहौल मिले। शिव गंगा में खराब पड़े झरने की तत्काल मरम्मत कर उसे चालू करने का निर्देश दिया गया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक भव्य महा-आरती का आयोजन किया जाएगा, जो मुख्य आकर्षणों में से एक होगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घुमावदार बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी और पूरे मंदिर परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। मंदिर के गर्भगृह और पूरे परिसर को ताजे फूलों और आधुनिक एलईडी लाइटों से भव्य रूप से सजाया जाएगा।
बैठक में ये सभी महत्वपूर्ण लोग रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में समिति के उपाध्यक्ष सह एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, सचिव गोपाल नारायण चौधरी, और कोषाध्यक्ष कविता कुमारी भी उपस्थित थीं। समिति के अन्य सदस्यों में विमल चन्द्र खां, संतोष पोद्दार, मणिकांत झा, छेदी राय, शंकर चौपाल, और सत्यानन्द प्रसाद के अलावा न्यास कर्मी रोशन झा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे, जिन्होंने तैयारियों को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक में धर्मशाला की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया।

