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फ़रवरी, 13, 2026
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सूर्य पूजा विधि: रविवार को पाएं सूर्यदेव की कृपा, इन नियमों का करें पालन

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Surya Puja Vidhi: सनातन धर्म में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है, जिनकी उपासना से आरोग्य, तेज और यश की प्राप्ति होती है। रविवार का दिन विशेष रूप से सूर्यदेव को समर्पित है और इस दिन विधि-विधान से अर्घ्य देने का अपना विशेष महत्व है।

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सूर्य पूजा विधि: रविवार को पाएं सूर्यदेव की कृपा, इन नियमों का करें पालन

सूर्य पूजा विधि: सूर्यदेव को जल अर्पित करने के महत्वपूर्ण नियम

सनातन धर्म में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है, जिनकी उपासना से आरोग्य, तेज और यश की प्राप्ति होती है। रविवार का दिन विशेष रूप से सूर्यदेव को समर्पित है और इस दिन विधि-विधान से अर्घ्य देने का अपना विशेष महत्व है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शास्त्रों में बताया गया है कि नियमित रूप से सूर्यदेव को जल चढ़ाने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है। यह माना जाता है कि सूर्यदेव की आराधना से सभी बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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सूर्यदेव को अर्घ्य देने के कुछ विशेष नियम हैं, जिनका पालन करना अत्यंत आवश्यक है। सर्वप्रथम, प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके पश्चात, तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें और उसमें थोड़ा कुमकुम या रोली, अक्षत (साबुत चावल), लाल पुष्प और कुछ दाने गुड़ के मिला लें। इसके बाद सूर्योदय के समय, सूर्य की ओर मुख करके खड़े हों और लोटे को अपने सिर से ऊपर उठाकर धीरे-धीरे जल की धारा प्रवाहित करें। जल अर्पित करते समय सूर्यदेव के नामों का स्मरण करें या गायत्री **मन्त्र** का जाप करें। यह विधि मन को एकाग्र करती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

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जल अर्पित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि जल की धारा इतनी पतली हो कि उसके मध्य से आपको सूर्यदेव के दर्शन हो सकें। यह दृश्य अत्यंत शुभ माना जाता है। जल अर्पित करने के बाद, अपनी जगह पर ही तीन परिक्रमा करें और सूर्यदेव से अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना करें। इस समय आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अर्घ्य देने के उपरांत, जल से भीगी हुई मिट्टी को अपने मस्तक पर लगाना भी अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से व्यक्ति को सूर्यदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उसके जीवन से सभी कष्टों का निवारण होता है।

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।
ॐ घृणि सूर्याय नमः।

सूर्यदेव की उपासना में इन नियमों का पालन करने से न केवल शारीरिक और मानसिक लाभ मिलता है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाना एक प्रकार का **मंत्र** जाप है जो ग्रहों की स्थिति को मजबूत करता है।

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/dharm-adhyatm/

इस प्रकार, रविवार के दिन और प्रतिदिन भी सूर्यदेव को विधिपूर्वक अर्घ्य अर्पित करके आप उनके आशीर्वाद के पात्र बन सकते हैं। यह एक सरल और प्रभावी उपाय है, जो जीवन में सकारात्मकता और सफलता लाता है।

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