



Mahashivratri 2026: सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाया जाता है। यह दिन शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस पावन अवसर पर महादेव का रुद्राभिषेक करने से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
Mahashivratri 2026: रुद्राभिषेक से पाएं शिव कृपा और समस्त सुख
Mahashivratri 2026 पर रुद्राभिषेक का अलौकिक महत्व
महाशिवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर, भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। इस दिन महादेव का रुद्राभिषेक करना अनंत पुण्य फलदायी होता है। शास्त्र कहते हैं कि रुद्राभिषेक नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर व्यक्ति के जीवन में धन, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और आध्यात्मिक उन्नति के द्वार खोलता है। यह शिव को प्रसन्न करने का सर्वोत्तम मार्ग है और इसे विधि-विधान से करने पर महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रुद्राभिषेक की सही पूजन विधि जानने से पहले, इसके लाभों को समझना आवश्यक है। यह न केवल भौतिक समृद्धि प्रदान करता है बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतोष भी देता है।
रुद्राभिषेक की संपूर्ण पूजन विधि
- संकल्प: सर्वप्रथम शुद्ध होकर शिवलिंग के समक्ष आसन ग्रहण करें और हाथ में जल, फूल, चावल लेकर रुद्राभिषेक का संकल्प लें।
- गणेश वंदना: किसी भी शुभ कार्य से पूर्व भगवान गणेश की वंदना करें।
- शिवलिंग स्थापना एवं शुद्धिकरण: शिवलिंग को एक पात्र में स्थापित कर उसे गंगाजल से शुद्ध करें।
- अभिषेक सामग्री: दूध, दही, घी, शहद, चीनी (पंचामृत), गन्ना रस, भांग, धतूरा, बेलपत्र, फूल, चंदन, अक्षत आदि सामग्री एकत्र करें।
- रुद्राभिषेक: ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए या रुद्राष्टकम् का पाठ करते हुए क्रमशः जल, दूध, दही, घी, शहद, चीनी के मिश्रण (पंचामृत), फिर गन्ने के रस, भांग, धतूरा और अंत में शुद्ध जल से अभिषेक करें।
- शृंगार: अभिषेक के उपरांत शिवलिंग का सुंदर शृंगार करें, चंदन का लेप लगाएं, बेलपत्र और पुष्प अर्पित करें।
- धूप-दीप: धूप और दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव की आरती करें।
- भोग: मौसमी फल और मिष्ठान का भोग लगाएं।
- प्रणाम: भगवान शिव से अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना करें और प्रणाम करें।
रुद्राभिषेक में जपे जाने वाले प्रमुख मंत्र
रुद्राभिषेक के दौरान कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इन मंत्रों के जाप से वातावरण शुद्ध होता है और शिव कृपा की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ॐ नमः शिवाय।
महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
शिव तांडव स्तोत्रम्।
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक के लाभ और उपाय
महाशिवरात्रि पर सच्चे मन से किया गया रुद्राभिषेक व्यक्ति के जीवन से सभी प्रकार के भय, रोग और दुर्भाग्य को दूर करता है। यह शत्रु बाधाओं का नाश कर जीवन में सुख-समृद्धि लाता है। जो भक्त संतानहीन हैं, उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है और जिनकी विवाह में बाधाएं आ रही हैं, उनकी बाधाएं दूर होती हैं।
उपाय: महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक के पश्चात गरीब और असहाय लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें। गौ सेवा करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। शिव चालीसा का पाठ करें और शिव मंदिरों में दीपक प्रज्वलित करें। यह सभी उपाय भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त करने में सहायक होते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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