
Bihar Budget: जैसे सियासत की तिजोरी से कोई ख़ज़ाना निकला हो, बिहार का नया बजट कुछ वैसी ही उम्मीदें लेकर आया है, जो प्रदेश की तरक्की को नई रफ़्तार देने का वादा कर रहा है।
Bihar Budget 2026-27: महिलाओं की बल्ले-बल्ले, किसानों की चांदी! जानें बजट की वो बातें जो बदल देंगी बिहार की तस्वीर
Bihar Budget में छिपा है विकसित बिहार का रोडमैप
भागलपुर: भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य श्वेता सिंह ने आगामी बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह Bihar Budget राज्य को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने और हर क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखने वाला साबित होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बजट में समाज के सभी वर्गों के जीवन को सरल और सम्मानित बनाने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है। श्वेता सिंह के अनुसार, यह बजट बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने की एक सोची-समझी योजना का हिस्सा है।
बजट के प्रावधानों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसका एक बड़ा लक्ष्य प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना है। खासकर, महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कारोबार को विस्तार देने के लिए प्रदेश की महिला उद्यमी को 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रावधान एक क्रांतिकारी कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
कृषि और डेयरी सेक्टर पर सरकार का विशेष ध्यान
श्वेता सिंह ने बताया कि इस बार सरकार का पूरा ध्यान कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर केंद्रित है। किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए डेयरी और पशुपालन जैसे सहायक क्षेत्रों में आय वृद्धि के लिए 50,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, अनुसूचित जाति के 94 लाख गरीब परिवारों को सीधे तौर पर उद्यम से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना भी इस बजट का एक प्रमुख आकर्षण है।
कुल मिलाकर, यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि एक विकसित और आत्मनिर्भर बिहार के सपने को साकार करने का एक मजबूत ब्लूप्रिंट नज़र आता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। सरकार ने इस बजट के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उसका लक्ष्य सिर्फ विकास करना नहीं, बल्कि विकास को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







