



Janki Jayanti 2026: आध्यात्मिक लोक में जानकी जयंती का पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, यह दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की अर्धांगिनी और जनकनंदिनी माता सीता के प्राकट्य उत्सव के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर यदि आपके जीवन में किसी भी प्रकार की आर्थिक तंगी, वैवाहिक जीवन में कलह या पारिवारिक अशांति जैसी समस्याएं व्याप्त हैं, तो शास्त्रों में वर्णित कुछ विशेष उपाय अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध हो सकते हैं। इन उपायों के माध्यम से देवी सीता की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के विभिन्न कष्टों से मुक्ति मिलती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है, जो कि वर्ष 2026 में 08 मार्च को पड़ रहा है। इस दिन सच्चे मन से माता सीता और भगवान श्रीराम की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
Janki Jayanti 2026: जानिए जानकी जयंती के दिन किए जाने वाले विशेष उपाय और उनका महत्व
Janki Jayanti 2026 पर करें ये सरल उपाय
जानकी जयंती का महत्व
जानकी जयंती, जिसे सीता नवमी भी कहा जाता है, उस दिन को चिह्नित करती है जब माता सीता धरती से प्रकट हुई थीं। यह दिन विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और पूजा-अर्चना करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है और संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाली महिलाओं को भी आशीर्वाद मिलता है। माता सीता को धैर्य, त्याग और प्रेम की देवी माना जाता है, और उनकी पूजा से इन गुणों की प्राप्ति होती है।
जानकी जयंती 2026 पूजा विधि
- जानकी जयंती के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- घर के मंदिर में गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण करें।
- एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- दीपक प्रज्वलित करें और धूप-अगरबत्ती दिखाएं।
- माता सीता को पीले वस्त्र, सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी और अन्य सुहाग सामग्री अर्पित करें।
- फल, फूल, मिठाई और नैवेद्य चढ़ाएं।
- पूरे विधि-विधान से पूजा करें और जानकी स्त्रोत का पाठ करें।
- आरती कर परिवार में प्रसाद वितरण करें।
जानकी जयंती 2026 शुभ मुहूर्त
| तिथि | फाल्गुन कृष्ण पक्ष नवमी |
|---|---|
| वर्ष 2026 में | 08 मार्च 2026 |
| पूजा का शुभ समय | दिनभर |
जानकी जयंती पर विशेष उपाय
- जानकी जयंती के दिन अविवाहित कन्याएं यदि माता सीता की विधि-विधान से पूजा करें और उन्हें श्रृंगार सामग्री अर्पित करें, तो उन्हें शीघ्र ही सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है।
- आर्थिक समस्याओं से मुक्ति के लिए इस दिन माता सीता और भगवान राम को खीर का भोग लगाएं और इसे कन्याओं में वितरित करें। इससे धन-धान्य में वृद्धि होती है।
- पारिवारिक कलह और अशांति दूर करने के लिए इस दिन श्रीरामचरितमानस के ‘बालकांड’ का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इससे घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बनाए रखने के लिए, पति-पत्नी दोनों मिलकर माता सीता और भगवान राम की पूजा करें और उन्हें लाल वस्त्र अर्पित करें।
मंत्र
जानकी जयंती के दिन माता सीता की कृपा प्राप्त करने के लिए इस मंत्र का जप करें:
श्री जानकी रामाभ्यां नमः।
या
श्री सीतायै नमः।
निष्कर्ष
जानकी जयंती का यह पावन पर्व हमें माता सीता के आदर्शों को जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक किए गए छोटे से उपाय भी बड़े से बड़े संकटों को दूर कर सकते हैं और जीवन में खुशहाली ला सकते हैं। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






