
Labour Code: जैसे शांत पानी में कंकड़ हलचल मचा देता है, वैसे ही केंद्र सरकार के नए कानून ने देश के मजदूर संगठनों में उबाल ला दिया है। केंद्र की मोदी सरकार के चार लेबर कोड कानूनों के खिलाफ देश के दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी आम हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए भागलपुर में विभिन्न मजदूर संगठनों ने एक संयुक्त कार्यकर्ता कन्वेंशन का आयोजन किया, जिसमें आगामी रणनीति पर चर्चा हुई।
बुधवार को स्थानीय भीखनपुर स्थित एटक कार्यालय में आयोजित इस कन्वेंशन में हड़ताल की तैयारियों और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सरकार के इन मजदूर विरोधी कानूनों का हर स्तर पर पुरजोर विरोध किया जाएगा और हजारों की संख्या में मजदूर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कन्वेंशन की संयुक्त अध्यक्षता ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसके शर्मा, सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद, और इंटक के जिला अध्यक्ष ई. रवि कुमार समेत कई प्रमुख नेताओं ने की।
आखिर क्या है Labour Code में जिससे मजदूर हैं नाराज?
कन्वेंशन को संबोधित करते हुए विभिन्न मजदूर संगठनों के वक्ताओं ने कहा कि यह नया कानून मजदूरों के कानूनी संरक्षण को खत्म करने की एक साजिश है। यह स्थायी रोजगार की अवधारणा को समाप्त कर अस्थायी भर्ती को कानूनी मान्यता देता है, जो मेहनतकशों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कई बड़े Trade Unions का मानना है कि यह कानून हड़ताल करने के मौलिक अधिकार को भी लगभग समाप्त कर देगा, जिससे मजदूरों की आवाज को दबाया जा सकेगा।वक्ताओं ने नए कानून के कई प्रावधानों पर गंभीर चिंता व्यक्त की:
- यह काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 16 घंटे तक करने की अनुमति देता है, जो मजदूरों का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण है।
- यह महिलाओं को रात में काम करने के लिए मजबूर करता है, जिससे उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
- जिला स्तर पर श्रम न्यायालयों को खत्म कर दिया गया है, जिससे मजदूरों के लिए न्याय पाना और भी मुश्किल हो जाएगा।
नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और उसकी एजेंसियां झूठा प्रचार कर इसे मजदूरों के हित में बता रही हैं, जबकि यह पूरी तरह से मजदूर विरोधी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने 12 फरवरी की देशव्यापी आम हड़ताल में मजदूरों से व्यापक भागीदारी का आह्वान किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
भागलपुर में भी होगा विशाल प्रदर्शन
संयुक्त कन्वेंशन में सभी संगठनों ने एक स्वर में लेबर कोड्स बिल को तत्काल रद्द करने की मांग की और 12 फरवरी को भागलपुर जिला मुख्यालय में एक विशाल जुलूस-प्रदर्शन निकालने की घोषणा की। इस हड़ताल में हजारों की संख्या में मजदूरों के शामिल होने की उम्मीद है, जो अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।इस महत्वपूर्ण बैठक में ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त, एटक के जिला महासचिव डॉ. सुधीर शर्मा, बैंक कर्मचारी एसोसिएशन के एपी सिंह, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के विष्णु कुमार मंडल, बीएसएसआर यूनियन के डीबी लाल, और संयुक्त किसान मोर्चा के भोला यादव समेत दर्जनों अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया और हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया।






