



Aaj Ka Panchang: आज की शुभ तिथि पर ग्रहों की चाल और नक्षत्रों का अद्भुत संगम, आपके जीवन को कैसे प्रभावित करेगा, आइए जानते हैं। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी उपरांत पंचमी तिथि का यह पावन दिन भगवान गणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जा रहा है, जो भक्तों के लिए सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
आज का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त और संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व
आज का पंचाang: पावन संकष्टी चतुर्थी का विस्तृत विवरण
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी उपरांत पंचमी तिथि का यह बुधवार, 05 फरवरी 2026, अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज संकष्टी चतुर्थी का महापर्व है, जो विघ्नहर्ता भगवान गणेश की आराधना के लिए सर्वोपरि माना जाता है। इस विशेष तिथि पर गणेश जी की उपासना से सभी बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में मंगल का आगमन होता है। यह दिन न केवल पंचांग के शुभ-अशुभ समय का ज्ञान कराता है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति का भी मार्ग दिखाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा विधि इस प्रकार है:
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
- गणेश जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- गणेश जी को दूर्वा (घास), अक्षत (चावल), लाल फूल और मोदक या लड्डू अर्पित करें।
- धूप-दीप प्रज्ज्वलित करें और गणेश चालीसा का पाठ करें।
- चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करें।
शुभ मुहूर्त और महत्वपूर्ण समय
पंचांग के अनुसार, किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व शुभ मुहूर्त का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। यह तालिका सामान्य शुभ-अशुभ समय के घटकों को दर्शाती है:
| विवरण | समय का प्रकार |
|---|---|
| शुभ मुहूर्त | जैसे अभिजीत, अमृत काल |
| अशुभ मुहूर्त | जैसे राहुकाल, यमगंड |
| सूर्य उदय/अस्त | दैनिक ग्रहों की स्थिति |
| चंद्रोदय/चंद्रास्त | चतुर्थी पर विशेष महत्व |
विस्तृत और सटीक मुहूर्तों के लिए स्थानीय पंचांग का अवलोकन करना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आज के दिन गणेश जी की कथा
आज के दिन गणेश जी की कथा का श्रवण करना और संकष्टी चतुर्थी के महत्व को समझना भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी होता है। इस दिन व्रत रखने और चंद्रमा को अर्घ्य देने से संतान प्राप्ति, संकटों से मुक्ति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। विशेष रूप से यह तिथि उन भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने जीवन से विघ्नों को दूर करना चाहते हैं।
भगवान गणेश को प्रसन्न करने और जीवन से संकटों को दूर करने के लिए इस मंत्र का 108 बार जाप करें:
ॐ गं गणपतये नमः।
संकष्टी चतुर्थी का यह पावन दिन हमें भगवान गणेश की भक्ति और उनके आशीर्वाद की याद दिलाता है। सच्चे मन से की गई आराधना निश्चित रूप से फलदायी होती है। इस दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए दूर्वा अर्पित करना और उनके मंत्रों का जाप करना सबसे उत्तम उपाय माना गया है। यह आपको मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति प्रदान करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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