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फ़रवरी, 13, 2026
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Vivah Muhurat 2026: वेलेंटाइन डे पर भी बजेंगी शहनाइयां, जानें शुभ लग्न

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Vivah Muhurat 2026: भारतीय संस्कृति में विवाह को एक पवित्र संस्कार माना जाता है, जिसका निर्धारण शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूलता के आधार पर होता है।

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Vivah Muhurat 2026: वेलेंटाइन डे पर भी बजेंगी शहनाइयां, जानें शुभ लग्न

वैवाहिक लग्न का आरंभ हो चुका है, और इसी के साथ विवाह जैसे मांगलिक कार्य एक बार फिर शुभता और समृद्धि के साथ संपन्न होने को तैयार हैं। यह वह समय है जब रिश्तों की डोर मजबूत होती है और दो आत्माओं का पवित्र मिलन ईश्वर के आशीर्वाद से संपन्न होता है। आगामी वर्ष 2026 में, विशेष रूप से फरवरी और मार्च के महीने में, विवाह के लिए सर्वाधिक शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। इन्हीं शुभ घड़ियों के बीच, प्रेम के प्रतीक माने जाने वाले वेलेंटाइन डे पर भी कई युगल सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, यह याद रखना आवश्यक है कि मलमास (अधिक मास) के दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं, क्योंकि इस अवधि में ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं होती और शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती।

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Vivah Muhurat 2026: फरवरी और मार्च के शुभ योग

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, किसी भी विवाह के लिए तिथि, वार, करण, योग और Nakshatra का विशेष महत्व होता है। फरवरी और मार्च 2026 में ऐसे कई शुभ योग बन रहे हैं जो विवाह बंधन में बंधने वाले जोड़ों के लिए अत्यंत फलदायी साबित होंगे। इन महीनों में ग्रहों की स्थिति विवाह के लिए उत्तम मानी जाती है, जिससे दांपत्य जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। शुभ मुहूर्त के चयन से न केवल विवाह की बाधाएं दूर होती हैं, बल्कि यह नवविवाहित जोड़े के भविष्य के लिए एक मजबूत नींव भी तैयार करता है। इसलिए, विवाह की योजना बनाते समय इन शुभ तिथियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि संबंध न केवल प्रेमपूर्ण हों बल्कि दीर्घकालिक और सफल भी हों। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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वेलेंटाइन डे 2026, जो कि आमतौर पर 14 फरवरी को मनाया जाता है, इस बार कुछ विशेष Nakshatra योगों के साथ आ रहा है, जो इसे विवाह के लिए और भी शुभ बना सकता है। जिन जोड़ों को इस दिन विवाह करने का अवसर मिलेगा, उनके लिए यह दिन अविस्मरणीय और अत्यंत शुभ फलदायी सिद्ध होगा।

विवाह में मलमास का प्रभाव

मलमास, जिसे खरमास या अधिक मास भी कहा जाता है, वह समय होता है जब सूर्य बृहस्पति राशि में गोचर करते हैं। इस अवधि में, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मलमास के दौरान किए गए शुभ कार्यों का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता, और कभी-कभी वे प्रतिकूल परिणाम भी दे सकते हैं। इसलिए, विवाह की योजना बनाते समय मलमास की अवधि से बचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 में भी जब मलमास पड़ेगा, उस दौरान वैवाहिक कार्यक्रमों को स्थगित कर देना ही उचित होगा, ताकि नवदंपति को ग्रहों का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

निष्कर्ष और उपाय

विवाह जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, और इसे शुभता के साथ संपन्न करना हर किसी की कामना होती है। शुभ मुहूर्त का चयन करके और ज्योतिषीय नियमों का पालन करके, हम इस पवित्र बंधन को और भी मजबूत और सफल बना सकते हैं। जो जोड़े विवाह की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपने कुल पुरोहित या किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर अपने लिए सबसे उपयुक्त और शुभ Vivah Muhurat 2026 का चयन करना चाहिए। यह न केवल उनके वैवाहिक जीवन में खुशियां लाएगा, बल्कि उन्हें दैवीय आशीर्वाद भी प्रदान करेगा।

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