
Bihar Nal Jal Yojana: बिहार विधानसभा की दहलीज पर गुरुवार को सियासी पारा तब चढ़ गया, जब पानी की बूँदों पर सियासत ने अपना रंग दिखाया। सदन में हर घर नल-जल योजना को लेकर तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला।
Bihar Nal Jal Yojana: विधानसभा में बवाल, नल-जल योजना पर सरकार घिरी
Bihar Nal Jal Yojana: आखिर क्यों गरमाया मुद्दा?
बिहार विधानसभा में गुरुवार का दिन ‘हर घर नल-जल योजना’ पर गर्मागर्म बहस और हंगामे के नाम रहा। इस योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तल्खियां खुलकर सामने आईं। बेगूसराय जिले के तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रजनीश कुमार ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के जवाब पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया, जिससे सदन में गहमागहमी बढ़ गई। रजनीश कुमार के तीखे सवालों ने सदन का ध्यान इस महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में आ रही कथित अनियमितताओं की ओर खींचा।
यह योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य बिहार के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। हालांकि, शुरुआत से ही इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठते रहे हैं। कहीं पानी की टंकी नहीं लगी, तो कहीं पाइपलाइन बिछने के बावजूद पानी नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर यह मुद्दा जनता के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विधायक रजनीश कुमार ने सदन में कहा कि PHED विभाग ने जो आंकड़े प्रस्तुत किए हैं, वे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। उन्होंने इन आंकड़ों को ‘फर्जी’ करार दिया और सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।
पेयजल आपूर्ति: सवालों के घेरे में पीएचईडी विभाग
विधायक रजनीश कुमार ने विशेष रूप से अपने निर्वाचन क्षेत्र तेघड़ा की स्थिति का हवाला दिया, जहां कई गांवों में अभी भी नल-जल योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने पूछा कि जब योजना के तहत काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है, तो फिर लोगों को शुद्ध पेयजल क्यों नहीं मिल रहा है? इस गंभीर आरोप के बाद, सदन में विपक्षी विधायकों ने भी रजनीश कुमार का समर्थन किया और सरकार से जवाब की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने में पूरी तरह विफल रही है और यह केवल कागजी खानापूर्ति है।
विपक्षी विधायकों ने जोर देकर कहा कि इस योजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन इसका सीधा लाभ आम जनता को नहीं मिल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष को कई बार शांत रहने की अपील करनी पड़ी, लेकिन हंगामे के बीच कार्यवाही बाधित होती रही। यह मामला बिहार में पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सरकार पर बढ़ता दबाव और अगली चुनौती
सरकार के मंत्रियों ने विधायक रजनीश कुमार के आरोपों को खारिज करने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष के लगातार हमले ने उन्हें बैकफुट पर धकेल दिया। सदन में उठे इस मुद्दे ने एक बार फिर नल-जल योजना के क्रियान्वयन की धीमी गति और गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगा दिया है। आने वाले समय में सरकार के लिए इन आरोपों का जवाब देना और योजना के तहत जनता तक स्वच्छ पानी पहुंचाना एक बड़ी चुनौती होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस हंगामे के बाद क्या कदम उठाती है और क्या पीएचईडी विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर पाता है। बिहार की जनता इस योजना से बहुत उम्मीदें लगाए बैठी है और अब सरकार पर उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का दबाव बढ़ गया है।



