

Purnia Airport: कभी उड़ान भरने का सपना देखने वाला सीमांचल, अब आसमान की बुलंदियों को छू रहा है। पूर्णिया एयरपोर्ट ने महज चार महीनों में ऐसी उड़ान भरी है, जिसने बड़े-बड़े शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है।
बिहार का सीमांचल, जिसे कभी हवाई नक्शे से दूर माना जाता था, आज राज्य के एविएशन सेक्टर की नई पहचान बन रहा है। इस एयरपोर्ट ने अपनी स्थापना के बाद से महज 120 दिनों के भीतर वह उपलब्धि हासिल की है, जिसकी कल्पना आमतौर पर बड़े और स्थापित हवाईअड्डों के लिए की जाती है। यहां से संचालित होने वाली सभी उड़ानें अब लगातार हाउसफुल चल रही हैं, जो यात्रियों के बढ़ते रुझान और हवाई संपर्क की बढ़ती मांग को दर्शाती है।
Purnia Airport: 4 महीने में 1 लाख यात्री, भविष्य की उड़ानें
आंकड़े बताते हैं कि पूर्णिया एयरपोर्ट ने रिकॉर्ड 1 लाख यात्रियों को अपनी सेवाएं दी हैं। यह संख्या मात्र चार महीनों के अंदर हासिल की गई है, जो इस क्षेत्र में हवाई यात्रा की जबरदस्त संभावनाओं को उजागर करती है। यात्रियों की यह भारी संख्या न केवल पूर्णिया के लिए, बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र के लिए एक नई सुबह लेकर आई है, जहाँ अब लोग कम समय में देश के अन्य हिस्सों से जुड़ पा रहे हैं।
यह सफलता केवल यात्रियों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास का भी सूचक है। व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं, जिससे पूरे बिहार विमानन परिदृश्य को मजबूती मिल रही है। हवाई यात्रा अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पूर्णिया एयरपोर्ट के इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए अब इसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की दिशा में भी विचार-विमर्श चल रहा है। यदि यह योजना साकार होती है, तो यह सीमांचल को वैश्विक मानचित्र पर ला देगा और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सीमांचल का बढ़ता महत्व और अपार संभावनाएं
कभी पिछड़ा माने जाने वाला सीमांचल अब बिहार विमानन क्षेत्र का ग्रोथ इंजन बन गया है। इस हवाई अड्डे की सफलता ने साबित कर दिया है कि सही बुनियादी ढांचा और जन सहयोग मिले तो छोटे शहर भी विकास की नई इबारत लिख सकते हैं। आने वाले समय में पूर्णिया एयरपोर्ट बिहार के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह उपलब्धि राज्य सरकार की दूरदर्शिता और स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं का परिणाम है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


