

Kusheshwarsthan News: जब दो समुदायों के बीच तनाव की चिंगारी भड़कती है, तो प्रशासन की ज़िम्मेदारी शांति का पानी डालने की होती है। कुछ ऐसा ही नज़ारा कुशेश्वरस्थान के हरिनगर गांव में देखने को मिला, जहां 31 जनवरी को हुई एक घटना के बाद से उपजे तनाव को शांत करने के लिए प्रशासन को आगे आना पड़ा।गुरुवार को धरिश्याम प्राथमिक विद्यालय के परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और दोनों पक्षों के ग्रामीण शामिल हुए। प्रशासन ने बैठक में मौजूद लोगों से गांव में शांति और सद्भाव बनाए रखने की पुरजोर अपील की और भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के निर्देश दिए।
Kusheshwarsthan News: प्रशासन ने दोनों पक्षों को दिया न्याय का भरोसा
बैठक के दौरान दोनों ही पक्षों ने प्रशासन के सामने घटना के संबंध में अपना-अपना पक्ष रखा। ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में कई ऐसे लोगों के नाम डाल दिए गए हैं, जो घटना के समय गांव में मौजूद ही नहीं थे।
वहीं, दलित पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि यह विवाद सिर्फ दो लोगों के बीच शुरू हुआ था, लेकिन बाद में ब्राह्मण समाज के लोगों ने इसे एक समूह का रूप देकर पूरे दलित समाज पर हमला किया, जिसमें मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट जैसी घटनाओं को अंजाम दिया गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण सामुदायिक झड़प के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल था।एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुना और लोगों को आश्वस्त किया कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस प्रशासन सभी के साथ न्याय करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दलित पक्ष के लोगों को लूटपाट की घटना में हुए नुकसान की भरपाई का भी आश्वासन दिया गया। प्रशासन ने कहा कि उनके गायब और नष्ट हुए सामान को उपलब्ध कराने में मदद की जाएगी।
निर्दोष फसेंगे नहीं, दोषी बचेंगे नहीं: एसडीपीओ
एसडीपीओ ने कठोर रुख अपनाते हुए कहा, “इस घटना में जो भी दोषी होगा, वह बचेगा नहीं और किसी भी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा।” उन्होंने बताया कि घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अगर दोषी व्यक्ति खुद न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कोर्ट से कुर्की-जब्ती का आदेश प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए एक दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल लगातार कैंप कर रहा है। हालांकि, गांव में शांति तो है, लेकिन ब्राह्मण पक्ष के मुहल्ले में गिरफ्तारी के डर से लोगों के फरार होने के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।इस अहम बैठक में बीडीओ ललन कुमार चौधरी, इंस्पेक्टर महफूज आलम, थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद, एसआई अंशु कुमारी, हरिनगर पंचायत के मुखिया विमल चन्द्र खां, नगर पंचायत के मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान, कांग्रेस नेता मधुकांत झा मिन्टू, भाजपा पूर्वी जिला अध्यक्ष विनय कुमार, मणिकांत झा, संतोष पासवान, मुरारी पासवान, हरौली सरपंच सिकिन्दर पासवान और भदहर सरपंच बलराम मुखिया समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद थे।

