
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वाकांक्षी व्यापार समझौते को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। अगले कुछ दिनों में दोनों देशों की ओर से इस डील के पहले चरण पर एक संयुक्त बयान जारी होने की उम्मीद है, जो आर्थिक संबंधों को नई दिशा देगा। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का पहला चरण लगभग तैयार हो चुका है। यह प्रगति दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं को एक निर्णायक मोड़ देती दिख रही है।
भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों का नया अध्याय: India US Trade Deal का पहला चरण तैयार
India US Trade Deal: वर्चुअल दस्तखत, फिर औपचारिक मुहर
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच व्यापार वार्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ी है और अब यह डील दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। हालांकि, पहले चरण में किन-किन बिंदुओं को शामिल किया जाएगा, इसका विस्तृत ब्यौरा फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच ज्वाइंट एग्रीमेंट पर वर्चुअल तरीके से दस्तखत किए जाएंगे। इसके बाद इस समझौते को औपचारिक रूप से लागू करने में करीब 30 से 45 दिनों का समय लग सकता है। हालांकि, भारत को इससे पहले ही कुछ रियायती लेटर मिलना शुरू हो जाएंगे, जिससे व्यापार को तुरंत राहत मिल सकेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भारत इस समझौते को जल्द से जल्द लागू कराना चाहता है, ताकि टैरिफ और अन्य व्यापारिक शर्तों में अधिक छूट का लाभ मिल सके।
पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार के बढ़ते दायरे का जिक्र करते हुए बताया कि केवल विमानों की मांग और ऑर्डर ही लगभग 70 से 80 बिलियन डॉलर के अनुमानित हैं, जिससे अमेरिका से भारत की खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह दिखाता है कि द्विपक्षीय व्यापार की संभावनाएं कितनी विशाल हैं।
एक मंत्रालय के अधिकारी के हवाले से, अगले पांच वर्षों में भारत-अमेरिका के बीच कुल अनुमानित खरीद करीब 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। इसमें से मौजूदा व्यापार ढांचे के अनुसार अमेरिका की ओर से भारत को लगभग 500 बिलियन डॉलर की सप्लाई किए जाने का अनुमान है। पीयूष गोयल ने यह भी साफ किया कि जैसे ही संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर हो जाएंगे, भारत पर लागू टैरिफ दरों में कटौती को कार्यकारी आदेश के जरिए तुरंत प्रभावी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में व्यापारिक बाधाओं में भी राहत दी जा सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
आर्थिक संबंधों को मिलेगी नई दिशा
भारत और अमेरिका के बीच यह प्रस्तावित ट्रेड डील दोनों देशों के रिश्तों में मील का पत्थर मानी जा रही है। दोनों ही पक्ष अपने-अपने बाजारों का विस्तार करना चाहते हैं और आपसी वाणिज्यिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर यह समझौता तय समय पर लागू होता है, तो इसका असर न सिर्फ व्यापार बल्कि निवेश, सप्लाई चेन और रोजगार पर भी देखने को मिल सकता है। यह एक ऐसा कदम है जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और वैश्विक व्यापार में उनकी स्थिति और मजबूत होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह समझौता वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में भी दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करेगा।


