

Farmer Registry: मधुबनी में किसानों के लिए सरकारी कलम से नई इबारत लिखी जा रही है। जिले ने Farmer Registry महाअभियान के तीसरे चरण में लगातार चौथे दिन भी पूरे बिहार में दूसरा स्थान हासिल कर एक मिसाल कायम की है। इस सफलता के पीछे जिलाधिकारी आनंद शर्मा की सीधी और सघन निगरानी है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखने लगा है।
Farmer Registry में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, DM ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी आनंद शर्मा इस महाअभियान को लेकर किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही या शिथिलता बरतने वाले किसी भी अधिकारी, कर्मी या सीएससी/वसुधा केंद्र संचालक को बख्शा नहीं जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी सख्ती का नतीजा है कि अभियान के पहले ही दिन 15 सीएससी/वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन रद्द कर दिया गया था और अन्य को भी चिन्हित किया जा रहा है। जिलाधिकारी हर शाम वर्चुअल माध्यम से प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि जिले के शत-प्रतिशत पात्र किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
अभियान को मिशन मोड में चलाने के लिए 2 फरवरी 2026 से ही सभी पंचायतों में कैंप लगाए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी सेविका/सहायिका और अन्य पंचायत स्तरीय कर्मी किसानों को जागरूक कर कैंप तक लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अभियान के बाद सभी सेविका/सहायिका को यह प्रमाण पत्र भी देना होगा कि उनके पोषक क्षेत्र के सभी जमाबंदी वाले किसानों का पंजीकरण हो चुका है।
क्या है फार्मर रजिस्ट्री और क्यों है यह जरूरी?
एग्रोस्टैक परियोजना के तहत की जा रही यह फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे किसानों को एक डिजिटल पहचान मिलेगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक आसानी से पहुंच सकेगा। इसमें सहयोग के लिए राजस्व कर्मचारी, किसान सलाहकार, विकास मित्र और आवास सहायक समेत विभिन्न विभागों के कर्मियों को लगाया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह रजिस्ट्री कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनिवार्य है, जिनमें शामिल हैं:
- पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ
- फसल बीमा और केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड)
- विभिन्न प्रकार के सहायता अनुदान
- फसल नुकसान होने पर वास्तविक क्षति का लाभ
रजिस्ट्री के लिए किसानों के पास आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और अपने नाम से जमाबंदी होना अनिवार्य है। वे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
समस्या होने पर यहां करें संपर्क
जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को पंजीकरण के दौरान कोई परेशानी न हो। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या निराकरण के लिए सीएससी (वसुधा केंद्र) के अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसान अविलाश पांडेय (9635053475), मनोज कुमार (9304850453), और राजेश कुमार (7373358760) के नंबरों पर संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं।


