

Benipur News: परीक्षा के मैदान में हर दिन कोई न कोई योद्धा गैरहाजिर हो ही जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा बेनीपुर में चल रही इंटर की परीक्षाओं में देखने को मिला, जहां गुरुवार को 18 परीक्षार्थियों ने इम्तिहान से मुंह मोड़ लिया। अनुमंडल के तीन परीक्षा केंद्रों पर इंटरमीडिएट की परीक्षा जारी है, जिसमें प्रशासन की सख्ती का असर साफ दिख रहा है।
गुरुवार को आयोजित हुई परीक्षा के दोनों पालियों को मिलाकर कुल 18 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए। जानकारी के अनुसार, तीनों केंद्रों पर कुल 1722 परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, लेकिन अंतिम समय में 18 छात्रों के गायब रहने से यह चर्चा का विषय बन गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Benipur News: तीनों केंद्रों पर इतने छात्र रहे अनुपस्थित
अनुमंडल के तीनों परीक्षा केंद्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अनुपस्थित रहने वाले परीक्षार्थियों का आंकड़ा अलग-अलग रहा। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
- प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय: केंद्राधीक्षक अजहर नकवी ने बताया कि पहली पाली में 65 में से एक और दूसरी पाली में 397 में से एक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहा।
- डिग्री कॉलेज परीक्षा केंद्र: यहां केंद्राधीक्षक मस्कुर आलम के अनुसार, प्रथम पाली में 140 में से दो छात्र, जबकि द्वितीय पाली में 501 में से 7 छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
- आदर्श परीक्षा केंद्र, बहेड़ा महाविद्यालय: केंद्राधीक्षक पुतुल कुमारी ने जानकारी दी कि प्रथम पाली में 75 में से दो और द्वितीय पाली में 544 में से 5 परीक्षार्थी गायब रहे।
अनुमंडल में चल रही इंटरमीडिएट परीक्षा को कदाचार मुक्त संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
SDO मनीष कुमार झा ने किया औचक निरीक्षण
परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) मनीष कुमार झा खुद मैदान में उतरे। उन्होंने गुरुवार को सभी परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्राधीक्षकों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
एसडीओ के औचक निरीक्षण से परीक्षा केंद्रों पर मौजूद अधिकारियों और कर्मियों में भी सक्रियता बनी रही। प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी छात्र अनुचित साधनों का प्रयोग न कर सके।

