



Trimbakeshwar Jyotirlinga: भगवान शिव के पावन धामों में त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का विशेष स्थान है, जहाँ दर्शन मात्र से ही भक्तों के समस्त दुख दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है।
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग: भगवान शिव का पावन धाम और इसके अलौकिक महत्व
पुराणों के अनुसार, भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से दसवां ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग है। यह पवित्र स्थान गोदावरी नदी के उद्गम स्थल के निकट स्थित है और अपनी अद्वितीय महिमा के लिए जाना जाता है। यहाँ दर्शन करने से भक्तों को न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि विशेष रूप से कालसर्प दोष और पितृ दोष जैसे जटिल ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिलती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का पौराणिक महत्व और विशेष कृपा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार ऋषि गौतम ने अपनी पत्नी अहिल्या के साथ ब्रह्मगिरी पर्वत पर निवास किया। वहाँ उन्होंने अपनी भक्ति और तपस्या से भगवान शिव को प्रसन्न किया। ऋषि गौतम की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान मांगने को कहा। ऋषि गौतम ने लोक कल्याण के लिए गंगा नदी को वहाँ प्रवाहित करने का आग्रह किया, ताकि सभी जीव उनका जल पीकर धन्य हो सकें। भगवान शिव ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली और गंगा नदी को प्रकट किया, जिसे यहाँ ‘गोदावरी’ के नाम से जाना जाता है।
इसके बाद, सभी देवी-देवताओं और ऋषियों ने भगवान शिव से वहीं वास करने का अनुरोध किया। भक्तों की प्रार्थना पर भगवान शिव वहीं ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हो गए, जिसे आज त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है।
त्र्यंबकेश्वर दर्शन का महात्म्य एवं लाभ
इस पावन धाम पर आकर भक्त अपनी सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर सकते हैं। विशेषकर, जिन व्यक्तियों की कुंडली में कालसर्प दोष अथवा पितृ दोष होता है, उनके लिए त्र्यंबकेश्वर में पूजन और दर्शन अत्यंत फलदायी माना जाता है। यहाँ विधि-विधान से पूजा अर्चना करने से इन दोषों का निवारण होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
निष्कर्ष एवं उपाय
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि एक ऐसा धाम है जहाँ प्रकृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम है। यहाँ की यात्रा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति भी प्रदान करती है। सच्चे मन से की गई प्रार्थना और शिव आराधना से भक्त भवसागर से पार हो जाते हैं। यदि आप भी जीवन में किसी प्रकार के कष्ट या दोष से पीड़ित हैं, तो एक बार त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन अवश्य करें। यह आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा और आपको मानसिक शांति प्रदान करेगा।
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