

Darbhanga News: दिन के उजाले में जो गांव अपनी ऐतिहासिक धरोहरों पर इतराता है, रात के अंधेरे में वही नशे के दलदल में धंसता जा रहा है। ये कहानी है दरभंगा जिले के केवटी गांव की, जहां शाम ढलते ही जिंदगी की रौनक नहीं, बल्कि स्मैक और गांजे का धुआं फिजाओं में घुलने लगता है। आलम यह है कि गांव में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है और लोगों में असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है।
Darbhanga News: सार्वजनिक स्थल बने नशेड़ियों के सुरक्षित अड्डे
स्थानीय निवासियों के अनुसार, केवटी का ऐतिहासिक राजोखर पोखर, प्रखंड मुख्यालय परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत सरकार भवन के आसपास की गाछी अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी है। शाम होते ही यहां नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है और खुलेआम गांजा, स्मैक जैसे नशीले पदार्थों का सेवन किया जाता है। इस अवैध नशा कारोबार के चलते यहां से गुजरने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
लोगों का आरोप है कि यदि कोई इन नशेड़ियों का विरोध करता है, तो उसे गाली-गलौज और धमकी का सामना करना पड़ता है। कई बार मारपीट की नौबत भी आ चुकी है। एक तरफ सरकार नशामुक्त समाज बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक और सरकारी महत्व के स्थान नशे के सौदागरों के हाथों में जाते दिख रहे हैं, जो सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
प्रशासन की उदासीनता पर उठे गंभीर सवाल
इस गंभीर समस्या से त्रस्त होकर सरपंच प्रतिनिधि मो जूही, मुखिया प्रतिनिधि संतोष कुमार साहू, पंचायत समिति सदस्य जगदीर यादव समेत दर्जनों ग्रामीणों ने एकजुट होकर आवाज उठाई है। उन्होंने केवटी थानाध्यक्ष को एक लिखित आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) और जिलाधिकारी (DM) को भी भेजी गई है, ताकि इस मामले पर उच्च स्तरीय संज्ञान लिया जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर कठोर कार्रवाई नहीं की तो केवटी का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन नींद से जागेगा या यह गांव यूं ही नशे और अपराध की आग में जलता रहेगा? आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोगों की मांग है कि इन अड्डों पर नियमित पुलिस गश्त हो और नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए।

