

Aadhaar: भारत में डिजिटल पहचान के सबसे बड़े आधार, आधार कार्ड को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लगभग 2.5 करोड़ मृतक नागरिकों के आधार नंबरों को निष्क्रिय कर दिया है। यह कार्रवाई पहचान धोखाधड़ी (identity fraud) रोकने और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए की गई है। इस पहल से न केवल डेटा की शुद्धता सुनिश्चित होगी बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि मृत व्यक्तियों के नाम पर किसी भी प्रकार की वित्तीय या अन्य धोखाधड़ी न हो पाए। यह कदम एक स्वच्छ और सुरक्षित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में UIDAI की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह निर्णय UIDAI के महानिदेशक के नेतृत्व में हाल ही में संपन्न हुई बैठकों की एक श्रृंखला के बाद लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य मृत व्यक्तियों के आधार डेटा का दुरुपयोग रोकना है, जिससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके। अक्सर देखा गया है कि मृतक व्यक्तियों के आधार नंबर का उपयोग कर विभिन्न प्रकार की पहचान धोखाधड़ी की जाती है, जिससे सरकार और आम जनता दोनों को नुकसान होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि परिवार के सदस्य की मृत्यु के बाद उनके आधार नंबर को कैसे निष्क्रिय किया जाए ताकि कोई भी गलत गतिविधि न हो सके।
मृत्यु के बाद आधार को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया और UIDAI की पहल
- आधार निष्क्रिय करने का कारण: UIDAI के अनुसार, मृत व्यक्तियों के आधार नंबरों का उपयोग करके होने वाली पहचान धोखाधड़ी को रोकना एक प्राथमिक चिंता है। इसके अतिरिक्त, सरकारी लाभों का गलत तरीके से दावा करने जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगाना है।
- क्या आधार निष्क्रिय करना अनिवार्य है? कानूनी तौर पर आधार निष्क्रिय करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी से बचने और डेटा की सुरक्षा के लिए यह एक समझदारी भरा कदम है।
- प्रक्रिया:
- सबसे पहले, मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करें। यह किसी भी आधिकारिक कार्रवाई के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
- अपने नजदीकी आधार नामांकन केंद्र (Aadhaar Enrolment Centre) पर जाएं।
- केंद्र पर जाकर एक ‘आधार अपडेट/करेक्शन’ फॉर्म भरें। इसमें आपको मृतक व्यक्ति के आधार नंबर को निष्क्रिय करने का अनुरोध करना होगा।
- फॉर्म के साथ मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र और अपना पहचान प्रमाण (जैसे आधार कार्ड) संलग्न करें।
- UIDAI अधिकारी आपके आवेदन और दस्तावेजों की समीक्षा करेंगे। सत्यापन के बाद, मृतक का आधार नंबर निष्क्रिय कर दिया जाएगा। आपको इस प्रक्रिया की पुष्टि के लिए एक रसीद दी जा सकती है।
यह पूरी प्रक्रिया पहचान धोखाधड़ी से बचाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे राज्य सरकारों और संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि मृत्यु के आंकड़ों को नियमित रूप से अपडेट किया जा सके और मृत व्यक्तियों के आधार नंबरों को समय पर निष्क्रिय किया जा सके। इस सहयोग से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी और एक अधिक विश्वसनीय पहचान प्रणाली का निर्माण होगा।
अपने आधार का ऑनलाइन स्टेटस कैसे जांचें?
अपने या किसी अन्य व्यक्ति के आधार की स्थिति जांचना अब काफी आसान हो गया है। आप UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यह जांच सकते हैं कि आपका आधार सक्रिय है या निष्क्रिय।
- UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट (uidai.gov.in) पर जाएं।
- ‘My Aadhaar’ सेक्शन में जाएं।
- ‘Aadhaar Services’ के तहत ‘Verify Aadhaar Number’ विकल्प चुनें।
- दिए गए बॉक्स में 12 अंकों का आधार नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें।
- ‘Proceed and Verify’ पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर आधार की स्थिति (सक्रिय या निष्क्रिय) प्रदर्शित हो जाएगी, साथ ही आधार धारक की कुछ बुनियादी जानकारी भी दिखेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह सुविधा नागरिकों को अपने आधार की स्थिति जानने में मदद करती है और सुनिश्चित करती है कि उनके पहचान संबंधी दस्तावेज सही स्थिति में हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। इस तरह के सुरक्षा उपायों से न केवल व्यक्तियों की जानकारी सुरक्षित रहती है, बल्कि यह देश के डिजिटल ढांचे को भी मजबूत करता है। UIDAI का यह कदम भारत को एक सुरक्षित और विश्वसनीय डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


