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फ़रवरी, 19, 2026
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स्मार्टफोन: एक चलता-फिरता खजाना और E-waste Recycling का महत्व

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E-waste Recycling: आधुनिक युग में स्मार्टफोन सिर्फ हमारी संचार की कड़ी नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता खजाना भी है। क्या आप जानते हैं कि आपके हाथ में मौजूद यह डिवाइस सोने, चांदी और प्लेटिनम जैसी बहुमूल्य धातुओं को समेटे हुए है? आज हम इसी छिपे हुए खजाने और उसे ई-कचरे से निकालने की प्रक्रिया पर एक गहन विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं, जो निवेशकों और पर्यावरणविदों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

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स्मार्टफोन: एक चलता-फिरता खजाना और E-waste Recycling का महत्व

स्मार्टफोन में छिपा सोना और E-waste Recycling की अनिवार्यता

हर स्मार्टफोन की प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) में बहुत थोड़ी मात्रा में सोना, चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम जैसी कीमती धातुएं होती हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि एक टन पुराने स्मार्टफोन से लगभग 300 ग्राम सोना निकाला जा सकता है, जो सोने की खान से निकाले गए अयस्क की तुलना में कई गुना अधिक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सिर्फ पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी एक बड़ी संभावना है, क्योंकि इन धातुओं की बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति इन्हें और भी मूल्यवान बनाती है। इन कीमती धातुओं को ई-कचरे से निकालकर दोबारा इस्तेमाल करने से न केवल नए खनन की आवश्यकता कम होती है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव भी घटता है।

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भारत जैसे देशों में जहां इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपभोग तेजी से बढ़ रहा है, वहां ई-कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। अनुपयुक्त तरीके से निपटाए गए ई-कचरे से जहरीले रसायन मिट्टी और पानी में मिलकर गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा करते हैं। ऐसे में, संगठित E-waste Recycling कार्यक्रम न केवल इन धातुओं को पुनः प्राप्त करने में मदद करते हैं, बल्कि एक स्थायी भविष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं।

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पुनर्चक्रण की प्रक्रिया और इसका आर्थिक लाभ

स्मार्टफोन से इन कीमती धातुओं को निकालने की प्रक्रिया में कई चरण शामिल होते हैं, जिनमें उपकरणों को अलग करना, विशिष्ट घटकों को पीसना और फिर रासायनिक या भौतिक तरीकों का उपयोग करके धातुओं को अलग करना शामिल है। यह एक जटिल प्रक्रिया है जिसके लिए विशेष तकनीकों और संयंत्रों की आवश्यकता होती है। सफल पुनर्चक्रण से न केवल अरबों डॉलर की कीमती धातुएं बाजार में वापस लाई जा सकती हैं, बल्कि यह हजारों हरित रोजगार के अवसर भी पैदा करता है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि भारत इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रबंधन में एक वैश्विक लीडर बन सके। उपभोक्ताओं के लिए भी यह समझना महत्वपूर्ण है कि वे अपने पुराने उपकरणों को जिम्मेदारी से रीसायकल करके इस महत्वपूर्ण प्रयास में कैसे योगदान दे सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। संक्षेप में, स्मार्टफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि एक सूक्ष्म-खदान है जिसमें भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कीमती धातुएं छिपी हैं। E-waste Recycling इन धातुओं को पुनः प्राप्त करने और एक स्थायी चक्रीय अर्थव्यवस्था बनाने की कुंजी है।

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