

Madhubani News: जैसे एक कुशल वैद्य नब्ज पकड़कर रोग का पता लगा लेता है, ठीक वैसे ही मधुबनी के जिलाधिकारी ने जनता की नब्ज टटोलने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए जन संवाद का मंच सजाया। शुक्रवार को समाहरणालय में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के कोने-कोने से आए लोगों ने अपनी परेशानियां सीधे डीएम के सामने रखीं।
Madhubani News: जमीन पर अवैध कब्जे से लेकर सरकारी योजनाओं तक, शिकायतों का लगा अंबार
जिलाधिकारी आनंद शर्मा द्वारा ‘सेवा-संवाद-समाधान’ अनुश्रवण प्रणाली के तहत आयोजित इस जन संवाद कार्यक्रम में शिकायतों की झड़ी लग गई। ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of living) की सोच के साथ शुरू की गई इस पहल में दर्जनों लोग अपनी-अपनी फरियाद लेकर पहुंचे।
जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।इस दौरान कई गंभीर मामले सामने आए। पेश हैं कुछ प्रमुख शिकायतें:
- लखनौर अंचल के भखरौली निवासी जय नारायण देव ने भूदान की जमीन पर अवैध बिक्री और अतिक्रमण का मुद्दा उठाया।
- रैयाम शुगर फैक्ट्री के पास रहने वाले राम लखन यादव ने बताया कि घर जल जाने और सारी जांच पूरी होने के बावजूद उन्हें अब तक कोई सरकारी लाभ नहीं मिला है।
- मधवापुर के अवारी गांव से आए पीताम्बर राम और अन्य लोगों ने बिहार सरकार द्वारा दी गई भूमि पर से अवैध कब्जा हटाने की गुहार लगाई।
- झंझारपुर की रुणा देवी ने जीवनयापन के लिए तीन डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
- खजौली के चंदेश्वर दास ने अपनी जमाबंदी को ऑनलाइन करने के लिए आवेदन दिया, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
- इसके अतिरिक्त, कई लोगों ने रास्ते पर अतिक्रमण, दबंगों द्वारा जमीन पर जबरन कब्जा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने जैसी शिकायतें भी दर्ज कराईं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
क्या है ‘सेवा-संवाद-समाधान’ प्रणाली?
यह प्रणाली राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को सरकारी कार्यालयों में अपने काम के लिए किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस प्रणाली के तहत, सभी संबंधित पदाधिकारियों के लिए एक लॉगिन सिस्टम बनाया गया है, जिसके माध्यम से वे अपने क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों को देख सकते हैं और उनका तेजी से निपटारा कर सकते हैं।जिलाधिकारी ने बताया कि इस पहल का मकसद शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है। जिला-स्तरीय, अनुमंडल-स्तरीय और प्रखंड-स्तरीय सभी पदाधिकारियों को नियमित रूप से आम जनता से संवाद स्थापित करने का निर्देश दिया गया है ताकि समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर ही हो सके। इस जन संवाद कार्यक्रम से लोगों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी सुनवाई होगी और समस्याओं का समाधान समय पर हो सकेगा।


