

Gujarat Government Scheme: गुजरात सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है, जिसका उद्देश्य लड़कों के स्कूल छोड़ने की दर को कम करना है ताकि उन्हें बेहतर भविष्य मिल सके।
लड़कों की शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा: नई Gujarat Government Scheme ‘नमो किशोर योजना’ जल्द होगी शुरू
गुजरात सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य, दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार सुधार के लिए प्रयासरत है। एक ओर जहां छात्रों, विशेषकर लड़कों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए नई योजना लाने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर बढ़ते मोटापे और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति भी जागरूकता बढ़ रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुजरात सरकार जल्द ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लड़कों के लिए एक नई सहायता योजना शुरू करने की तैयारी में है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य कक्षा 8 के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या को कम करना है। प्रस्तावित योजना का नाम ‘नमो किशोर योजना’ रखा गया है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, राज्य में अब तक अधिकांश शैक्षणिक सहायता योजनाएं लड़कियों के लिए थीं। नमो लक्ष्मी योजना जैसी पहल ने लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं। इसी तर्ज पर अब लड़कों को भी समान वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
Gujarat Government Scheme: नमो किशोर योजना की विस्तृत जानकारी
नमो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को चार साल में कुल 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। इसमें कक्षा 9 और 10 के लिए 20,000 रुपये और कक्षा 11 व 12 के लिए 30,000 रुपये शामिल हैं। नमो किशोर योजना में भी लड़कों को इसी तरह की वित्तीय सहायता देने की योजना है। सरकार का मानना है कि इस आर्थिक सहारे से गरीब परिवारों के बच्चे अपनी पढ़ाई बीच में नहीं छोड़ेंगे।
सरकारी आकलन से यह सामने आया है कि गुजरात में कक्षा 8 के बाद लड़कों के स्कूल छोड़ने की दर अपेक्षाकृत अधिक है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि कई बच्चे परिवार की आर्थिक मदद के लिए मजदूरी या छोटे-मोटे काम पर लग जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पढ़ाई और रोजगार के बीच फंसकर वे अक्सर अपनी शिक्षा छोड़ देते हैं। नमो किशोर योजना का उद्देश्य इसी समस्या का समाधान करना है, ताकि लड़के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें और एक उज्जवल भविष्य का निर्माण कर सकें।
मुख्य बिंदु:
- पात्रता: यह योजना कक्षा 10 पास कर चुके और ऐसे लड़कों के लिए होगी जिनके परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये से कम हो।
- लाभार्थियों का लक्ष्य: प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख लड़कों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
- घोषणा एवं क्रियान्वयन: इस योजना की घोषणा वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में की जा सकती है और इसे 1 अप्रैल से लागू किए जाने की संभावना है।
इसके साथ ही, सरकार विज्ञान और तकनीक जैसे विषयों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना’ के दायरे को भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
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स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता: वजन घटाना अब सिर्फ सुंदरता नहीं, बल्कि सेहत की प्राथमिकता
दूसरी ओर, गुजरात में वजन घटाने के प्रति लोगों की सोच में भी एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। पहले जहां लोग मुख्य रूप से सुंदर दिखने के लिए वजन कम करना चाहते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग इसे बीमारियों से बचाव के एक महत्वपूर्ण उपाय के तौर पर देख रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एक अध्ययन के अनुसार, लगभग 48 प्रतिशत लोग मधुमेह (डायबिटीज), रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए वजन कम करने की इच्छा रखते हैं, जबकि 34 प्रतिशत लोग इसे अपने रूप-रंग से जोड़कर देखते हैं।


