

Vegetable Nursery Training: कभी सूखे खेतों में उम्मीद के बीज बोए जाते थे, आज मिट्टी के हर कण में उन्नत भविष्य की फसल लहलहा रही है। दरभंगा में चला एक प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों और युवाओं के लिए इसी नए सवेरे की रोशनी लेकर आया है।
Vegetable Nursery Training: कृषि विज्ञान केंद्र में सब्जी नर्सरी उत्पादन का विशेष प्रशिक्षण संपन्न, युवाओं को मिला सुनहरा अवसर
Vegetable Nursery Training: आधुनिक तकनीक से सब्जी पौध उत्पादन
जाले. कृषि विज्ञान केंद्र, दरभंगा में पांच दिवसीय आधुनिक सब्जी पौध नर्सरी उत्पादन एवं प्रबंधन विषयक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है।
इस horticulture training कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवक-युवतियों को नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। प्रशिक्षण के समापन पर सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंइस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा, जाले, दरभंगा सदर और अलीनगर प्रखंडों से बड़ी संख्या में उत्साही युवक-युवतियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के पहले दिन उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय, पिपराकोठी के प्राध्यापक डॉ. सुधीर दास ने सब्जी उत्पादन के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके विपणन और निर्यात की असीम संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे सही रणनीति के साथ किसान अपनी उपज को बेहतर दाम पर बेच सकते हैं।
केंद्र के प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ. चंदन कुमार ने नर्सरी उत्पादन में खरपतवार और कीट-व्याधि नियंत्रण के आधुनिक तरीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अच्छी कृषि क्रियाओं को अपनाकर पौधों को स्वस्थ रखा जा सकता है और फसल की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। यह महत्वपूर्ण जानकारी आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा ने प्रतिभागियों को उभरी हुई क्यारी, सतह से नीचे की क्यारी और प्लग नर्सरी जैसी विभिन्न विधियों से पौध तैयार करने का व्यावहारिक ज्ञान दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने टमाटर और आलू को एक ही पौधे पर उगाने की ग्राफ्टिंग तकनीक (पोमाटो) का प्रदर्शन किया, जिससे किसानों की आय दोगुनी हो सकती है। नेमाटोड जैसे हानिकारक कीटों के नियंत्रण के लिए ट्राइकोडर्मा संवर्धित वर्मी कंपोस्ट के उपयोग की जानकारी भी दी गई, जो एक जैविक और प्रभावी उपाय है। इस प्रकार के **बागवानी प्रशिक्षण** से किसानों को काफी लाभ मिलता है।
सब्जी उत्पादन में कीट और रोग नियंत्रण
अन्य वैज्ञानिकों ने उन्नत प्रजातियों के चयन और वैज्ञानिक खेती के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सही बीज और आधुनिक तकनीक का प्रयोग करके कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। यह प्रशिक्षण निश्चित रूप से क्षेत्र में कृषि विकास को गति देगा और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर खोलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



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