
PM Modi Malaysia Visit: भू-राजनीति के बिसात पर हर चाल मायने रखती है। जब देश के मुखिया की विदेश यात्रा होती है, तो उसके गहरे निहितार्थ होते हैं, खासकर तब जब पड़ोसी देशों से संबंध मजबूत करने की बात हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू कर दी है, जिसे भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को एक नया आयाम देने वाला कदम माना जा रहा है।
पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों को मिली नई दिशा
प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह उनकी तीसरी मलेशिया यात्रा है, जो न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए, बल्कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरे से दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र में भारत की उपस्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।
इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी अपने मलेशियाई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम के साथ होगी, जहाँ व्यापारिक नेताओं और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच गहन संवाद होगा। साथ ही, पीएम मोदी मलेशिया में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ भी बातचीत करेंगे, जो मलेशिया में भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक उपस्थिति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा और ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को बढ़ावा
भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ एक दूरदर्शी राजनयिक और रणनीतिक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया, पूर्वी एशिया और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है। यह 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव द्वारा अपनाई गई ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ का एक विकसित और अधिक गतिशील स्वरूप है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में इस नीति पर विशेष जोर दिया गया है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र के साथ व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस पहल के तहत, सरकार ने भारत को आसियान देशों से जोड़ने के लिए परिवहन, बुनियादी ढांचे और डिजिटल कनेक्टिविटी (सड़कें, रेलवे, बंदरगाह और डिजिटल नेटवर्क) विकसित करने के लिए भी सक्रिय रूप से काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा से इस पहल को बड़ा बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक और रणनीतिक साझेदारी और गहरी होगी। यहां इस बात पर गौर करना महत्वपूर्ण है कि भारत लगातार अपनी एक्ट ईस्ट नीति के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि में योगदान दे रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भारत-मलेशिया संबंधों का गहरा इतिहास और भविष्य की राह
भारत और मलेशिया के बीच लंबे समय से संबंध हैं जो साझा इतिहास, संस्कृति और सभ्यता में गहराई से जुड़े हुए हैं। ये संबंध मलेशिया में भारतीय प्रवासियों द्वारा और मजबूत होते हैं, जिनकी संख्या लगभग 2.9 मिलियन है, जो इसे दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा भारतीय समुदाय बनाता है। यह प्रवासी समुदाय दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु का काम करता है। आपको बता दें, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जहाँ आपको मिलती है सबसे सटीक जानकारी।
भारत और मलेशिया ने अगस्त 2024 में अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया। प्रधानमंत्री मोदी की वर्तमान यात्रा के दौरान, दोनों नेता इस साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य की प्राथमिकताएं तय करेंगे। चर्चा व्यापार और निवेश के विस्तार पर केंद्रित होगी, जिसमें भारत में मलेशियाई निवेश को प्रोत्साहित करना और गहरा आर्थिक सहयोग शामिल है। इसके अतिरिक्त, दोनों देश सेमीकंडक्टर के विकास जैसे उभरते क्षेत्रों में भी सहयोग कर सकते हैं, जो वैश्विक प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखला के लिए महत्वपूर्ण है। यह यात्रा न केवल वर्तमान संबंधों को सुदृढ़ करेगी बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत नींव भी तैयार करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





