

Darbhanga-Muzaffarpur Rail Line: विकास की सीटी एक बार फिर बिहार की पटरियों पर गूंजने को तैयार है, जहां दरभंगा और मुजफ्फरपुर के बीच की दूरी अब सिर्फ किलोमीटर में नहीं, बल्कि समय में भी सिमटने जा रही है। बिहार के दो प्रमुख शहरों, दरभंगा और मुजफ्फरपुर के बीच संपर्क को मजबूत करने वाली बहुप्रतीक्षित Darbhanga-Muzaffarpur Rail Line परियोजना पर काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस 67 किलोमीटर लंबी लाइन के बनने से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि यह मिथिलांचल क्षेत्र के विकास को भी नई रफ्तार देगी।
Darbhanga-Muzaffarpur Rail Line परियोजना से समय और पैसे दोनों की होगी बचत
वर्तमान में, दरभंगा से मुजफ्फरपुर ट्रेन से जाने में लगभग दो घंटे का समय लगता है, क्योंकि ट्रेनों को समस्तीपुर होकर एक लंबा मार्ग तय करना पड़ता है। लेकिन इस नई लाइन के चालू हो जाने के बाद यह यात्रा घटकर केवल डेढ़ घंटे की रह जाएगी, जिससे यात्रियों का करीब आधा घंटा बचेगा। इस महत्वपूर्ण रेलवे परियोजना की कुल अनुमानित लागत 2,514 करोड़ रुपये है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस प्रोजेक्ट के तहत 27 रेलवे क्रॉसिंग और 6 नए रेलवे पुलों का भी निर्माण किया जाएगा। दूरी में 24 किलोमीटर की कमी आने से यात्रियों के किराए में भी बचत होगी।
इस रूट पर पंडासराय, दिलाही, माधोपुर और सिलौंट जैसे नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिससे आस-पास के दर्जनों गांवों के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
रोजगार के नए अवसर और किसानों को लाभ
यह नई रेल लाइन सिर्फ यात्रा को ही आसान नहीं बनाएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनगिनत अवसर भी पैदा करेगी। स्टेशनों के निर्माण और रेलवे सुविधाओं के विकास से स्थानीय लोगों को काम मिलेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी चल रही है, जिसमें किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जा रहा है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान किया है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।



