

Darbhanga News: भगवान की इच्छा का हवाला देकर जिस ‘मौनी बाबा’ ने एक नाबालिग की जिंदगी से खिलवाड़ किया, अब वही बाबा कानून के लंबे हाथों से बचने के लिए अदालत की चौखट पर माथा टेक रहे हैं। जिले के चर्चित महिला थाना कांड संख्या 182/25 से जुड़ा यह मामला अब एक नए मोड़ पर आ गया है, जहां आरोपी राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है।
Darbhanga News: मौनी बाबा ने क्यों लगाई अग्रिम जमानत की अर्जी?
जिले के एक सनसनीखेज मामले में आरोपी, राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा की ओर से शनिवार को पॉक्सो की विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल कराया गया है। आरोपी की तरफ से दाखिल की गई अग्रिम जमानत याचिका संख्या 11/26 पर सोमवार को सुनवाई होने की उम्मीद है। यह मामला एक नाबालिग पीड़िता से जुड़ा है, जिसके चलते इस पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई हो रही है।
प्राथमिकी में दर्ज आरोपों के अनुसार, आवेदक अभियुक्त मौनी बाबा ने नाबालिग पीड़िता की कथित शादी दुष्कर्म के मुख्य आरोपी श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर के साथ करा दी थी। जब इस पर सवाल उठाया गया, तो कथित मौनी बाबा ने मुस्कुराते हुए इसे ईश्वर की इच्छा बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कहा था, “ईश्वर की यही इच्छा थी और मैंने ईश्वर की इच्छा के अनुरूप ही आशीर्वाद दिया है।” इसी बयान ने उन्हें इस मामले में सह-आरोपी बना दिया।
मुख्य आरोपी पहले से ही सलाखों के पीछे
यह बताना महत्वपूर्ण है कि इस मामले में दुष्कर्म का मुख्य आरोपी श्रवण दास, जो कथित मौनी बाबा का भतीजा और शिष्य भी है, पहले से ही न्यायिक हिरासत में है। वह 17 जनवरी से जेल में बंद है। श्रवण दास की जमानत याचिका गत 4 फरवरी को न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई थी, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब अपने भतीजे और शिष्य को कानून के शिकंजे में देख मौनी बाबा को भी अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा है, जिसके चलते उन्होंने अग्रिम जमानत का रास्ता अपनाया है।
इस पूरे मामले ने सामाजिक और कानूनी हलकों में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि सोमवार को अदालत मौनी बाबा की याचिका पर क्या फैसला सुनाती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। अदालत का फैसला इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



