

Darbhanga News: जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की सुस्त पड़ी नब्ज़ को जब जिलाधिकारी ने खुद टटोला तो कई खामियां उजागर हो गईं। इसके बाद डीएम ने ऐसी ‘संजीवनी डोज़’ दी कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य प्रबंधकों के पसीने छूट गए, साथ ही चेतावनी भी मिली कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं की मासिक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई कड़े निर्देश दिए गए।
Darbhanga News: आयुष्मान कार्ड में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक की शुरुआत करते हुए जिलाधिकारी ने सबसे पहले आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महीने के अंत तक हर हाल में 1.25 लाख नए आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। वर्तमान में आयुष्मान कार्ड बनाने में दरभंगा जिला राज्य स्तर पर तीसरे स्थान पर है, लेकिन जिलाधिकारी ने इसे पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए, ताकि उसे सरकार द्वारा दी जाने वाली 5 लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके। उन्होंने सभी जन वितरण प्रणाली के उपभोक्ताओं को भी इस योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। जिले में अब तक 19.5 लाख से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है।
गर्भवती महिलाओं और प्रसव सुविधाओं पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता जाहिर की। उन्होंने निर्देश दिया कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सभी गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया जाए और उनकी नियमित मासिक एएनसी जांच सुनिश्चित की जाए। शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव का लक्ष्य हासिल करने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इसके अलावा, सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई की व्यवस्था को हर हाल में दुरुस्त रखने को कहा गया, ताकि मरीजों को एक स्वच्छ वातावरण मिल सके।
अस्पतालों में दवा और डॉक्टरों की उपस्थिति पर DM सख्त
समीक्षा के दौरान डीएम ने अस्पतालों की कार्यशैली पर भी अपनी पैनी नजर रखी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की रोस्टर ड्यूटी, प्रसव कक्ष में कार्यरत स्टाफ, एएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ का अपडेटेड रोस्टर एक डिस्प्ले साइन बोर्ड पर अनिवार्य रूप से लगाया जाए। सभी पीएचसी प्रभारियों को यह काम 7 दिनों के भीतर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दवाओं की कमी की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मरीजों को आधे घंटे से ज्यादा इंतजार न कराने और सभी जरूरी दवाएं स्वास्थ्य केंद्र से ही उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
जांच सुविधाओं से लेकर ऑनलाइन पोर्टल तक, हर स्तर पर सुधार के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और स्वास्थ्य प्रबंधकों को निर्देशित किया कि ईसीजी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और पैथोलॉजी जैसी जांच सुविधाएँ सभी मरीजों को जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सीधी कार्रवाई होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मुख्यमंत्री के सात निश्चय पार्ट-3 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभी रोगियों का सम्मान के साथ इलाज करें और उन्हें हर तरह की मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराएं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी स्वास्थ्य इंडिकेटरों में सुधार लाया जाए और सभी कार्यों को समय पर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाए। बैठक के अंत में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक में सभी स्वास्थ्य सूचकांकों में ठोस और स्पष्ट सुधार दिखना चाहिए। इस बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क श्री सत्येंद्र प्रसाद समेत स्वास्थ्य विभाग के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।


