



Alinagar News: सियासत की चौसर पर वादों के पासे तो खूब फेंके जाते हैं, लेकिन जब उन वादों को हकीकत की जमीन पर उतारने की बारी आती है, तो अक्सर उम्मीदें दम तोड़ देती हैं। कुछ ऐसा ही हुआ दरभंगा के अलीनगर प्रखंड में, जहां डिग्री कॉलेज की घोषणा के बाद भी सूची से नाम गायब होने पर लोगों का सब्र जवाब दे गया और वे सड़कों पर उतर आए।
Alinagar News: सूची से नाम हटने पर भड़का गुस्सा
शनिवार को अलीनगर प्रखंड कार्यालय परिसर का माहौल उस वक्त गरमा गया जब डिग्री कॉलेज निर्माण संघर्ष समिति और जन कल्याणकारी सह शिक्षा विकास मंच, श्यामपुर के बैनर तले सैकड़ों लोग एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों का आक्रोश राज्य सरकार के उस फैसले के खिलाफ था, जिसमें प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा के बावजूद अंतिम सूची से अलीनगर का नाम हटा दिया गया। इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र भी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के कार्यालय में सौंपा गया।
धरने को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार यादव ने कहा, “यह एक सोची-समझी साजिश है। पूरे राज्य में सबसे पहले डिग्री कॉलेज की मांग अलीनगर की धरती से ही उठी थी। सरकार ने हमारी मांग को गंभीरता से लिया भी, लेकिन जब पहले चरण में 213 प्रखंडों की सूची जारी हुई तो उसमें से अलीनगर का नाम गायब था। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने स्थानीय विधायिका, सांसद और एमएलसी से लेकर शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री तक से इस मामले पर पुनर्विचार कर अलीनगर का नाम पहली सूची में शामिल करने की अपील की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
‘अलीनगर के साथ सौतेला व्यवहार क्यों?’
मंच के अध्यक्ष निर्भय यादव ने अपने संबोधन में कहा कि इस क्षेत्र के बच्चों के भविष्य और उच्च शिक्षा के लिए डिग्री कॉलेज का खुलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार यह मांग पूरी नहीं करती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, राजद नेता विनोद मिश्रा ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “विधानसभा क्षेत्र के तीन प्रखंडों- तारडीह, घनश्यामपुर और अलीनगर में से दो को डिग्री कॉलेज की स्वीकृति दे दी गई, लेकिन अलीनगर को छोड़ दिया गया। यह गंभीर चिंता का विषय है और इस सौतेले व्यवहार के खिलाफ यह धरना-प्रदर्शन बिल्कुल जायज है।”
इस विरोध प्रदर्शन को विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी भरपूर समर्थन मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मंच के सचिव एम ए सारिम ने कहा कि उनका मंच हमेशा से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहा है और डिग्री कॉलेज की मांग करता रहा है। धरने का मंच संचालन आसिफ आदिल ने किया। इस मौके पर कई अन्य वक्ताओं ने भी अपनी बात रखी, जिनमें प्रमुख थे:
- संयोजक व पूर्व मुखिया दयाशंकर झा मदन
- मुखिया सतीश चंद्र झा
- सेवानिवृत शिक्षिका बनिता झा
- राजद जिला उपाध्यक्ष तारिक सफी
- मुखिया मनेसुर रहमान
- जदयू के मुकेश मंडल
- राजद प्रखंड अध्यक्ष चौधरी यादव
इस विरोध प्रदर्शन में मंच के उपाध्यक्ष विजय कुमार देव, सदस्य श्याम कुमार राम, जवाहर यादव, अधिवक्ता गुलफाम रहमानी समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार से जल्द से जल्द फैसला बदलने की मांग की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।


