
Bitcoin Scam: आजकल डिजिटल दुनिया में धोखेबाज नए-नए पैंतरों से आम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं और ऐसी ही एक खतरनाक चाल है बिटकॉइन स्कैम, जिसमें मोटी कमाई का लालच देकर लोगों की मेहनत की कमाई हड़पी जा रही है। ऐसे में हम-आप जैसे आम लोगों को फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है।
बिटकॉइन स्कैम: बेंगलुरु में 50 लाख की ठगी, Telegram पर महिला के मैसेज का जवाब देना पड़ा महंगा!
हाल ही में बेंगलुरु में एक प्राइवेट इक्विटी फर्म में कार्यरत 50 वर्षीय व्यक्ति को बिटकॉइन स्कैम के जरिए 50 लाख रुपये का चूना लगा। उनकी गलती बस इतनी थी कि उन्होंने टेलीग्राम पर आए एक अज्ञात महिला के मैसेज का जवाब दे दिया था। इसके बाद स्कैमर ने उन्हें धोखे से अपने जाल में फंसा लिया। पुलिस ने इस मामले में आईटी एक्ट और बीएनएस की धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है, और लोगों को सोशल मीडिया पर अनजान मैसेज से सावधान रहने की चेतावनी दी है।
बिटकॉइन स्कैम का जाल: ऐसे बिछाया गया धोखाधड़ी का पूरा खेल
बेंगलुरु के कोडिहल्ली निवासी पीड़ित की पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पिछले साल 30 नवंबर को उन्हें टेलीग्राम पर प्रिया अग्रवाल नाम की एक महिला का मैसेज आया था। यह महिला राहुल नाम के किसी व्यक्ति से संपर्क करना चाह रही थी, लेकिन गलती से मैसेज पीड़ित के फोन पर आ गया। मैसेज को अनदेखा करने के बजाय पीड़ित ने महिला से बातें करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोनों में रोज बातें होने लगीं और बातचीत टेलीग्राम से व्हाट्सएप पर शिफ्ट हो गई।
+447490569470 नंबर से बात करते हुए प्रिया ने शख्स को बताया कि वह यूके के लिवरपूल में रहती है और एक पारिवारिक व्यवसाय चलाती है। समय के साथ पीड़ित का प्रिया पर भरोसा बढ़ता गया। प्रिया अक्सर इस दावे के साथ ऑनलाइन बिटकॉइन ट्रेडिंग की बातें करती थी कि उसे इसके जरिए बीते चार-पांच सालों में खूब मुनाफा हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रिया ने शख्स को निवेश करने के लिए राजी कर लिया और बेहतर मुनाफे के साथ-साथ ट्रेडिंग में मार्गदर्शन करने का भरोसा भी दिलाया। इसके बाद एक लिंक पर क्लिक करने से पीड़ित का एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बन गया। 9 दिसंबर, 2025 को उन्होंने अपना पहला निवेश 50,000 रुपये का किया। यह रकम प्लेटफॉर्म की तथाकथित ग्राहक सहायता टीम द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की गई। डैशबोर्ड पर दिख रहे मुनाफे से उनका भरोसा और बढ़ता गया और उन्होंने निवेश करना जारी रखा।
दिसंबर, 2025 से 14 जनवरी, 2026 के बीच, उन्होंने आठ अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 70 लाख रुपये ट्रांसफर किए। उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग की इतनी लत लग गई कि उन्होंने फंड का इंतजाम करने के लिए एक बैंक और एक फाइनेंस फर्म से लोन भी लिया, और अपनी सारी बचत भी लगा दी। यह सब प्रिया के कहने पर किया गया। ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उनके अकाउंट में 2.6 करोड़ रुपये तक का मुनाफा होते दिखने लगा, जिससे उनका यह विश्वास और मजबूत हो गया कि निवेश असली है।
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धोखाधड़ी का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई
मामला तब उलझा, जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की। बार-बार कोशिश करने के बावजूद वह पैसे नहीं निकाल पाए और उन्हें पता चला कि उनका अकाउंट फ्रीज कर दिया गया है। जब उन्होंने कस्टमर सपोर्ट से बात करने की कोशिश की, तो कथित तौर पर उनसे टैक्स और प्रोसेसिंग फीस जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे निकालने के लिए और पैसे जमा करने को कहा गया। तब उन्हें एहसास हुआ कि वह एक बड़े घोटाले का शिकार हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
ईस्ट साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों के मैसेज का जवाब देने से सावधान किया है, खासकर उन मैसेज से जो जल्दी और ज्यादा निवेश रिटर्न का वादा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे ‘गलत मैसेज’ वाले बातचीत का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड करने के लिए जाल के तौर पर किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







