



Madrasa Management Dispute: कुर्सी की लड़ाई जब इबादतगाहों की दहलीज लांघ जाए तो विवादों का धुआं उठना लाजिमी है। सुपौल के एक मदरसे में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है, जहां प्रबंधन समिति को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए हैं और मामला अब प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गया है।
सुपौल के बिरौल स्थित मदरसा रहमानिया अफजला में प्रबंधन समिति को लेकर विवाद गहरा गया है। मदरसे की वर्तमान प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अब्दुस्सलाम ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को एक आवेदन देकर 11 फरवरी को प्रस्तावित एक बैठक पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने इस बैठक को अवैध और अदालत के आदेशों की अवहेलना बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ शशांक राज ने दो सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया है।
आवेदन में विस्तार से बताया गया है कि बिहार राज्य मदरसा बोर्ड के पत्रांक-1654, जो 26 दिसंबर 2025 को जारी हुआ था, के अनुसार पटना उच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशों के आलोक में मदरसा रहमानिया अफजला सुपौल के लिए नई प्रबंधन समिति का गठन किया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस समिति में अब्दुस्सलाम को अध्यक्ष और मोहम्मद अनसारूल हक को सचिव के रूप में मनोनीत किया गया है और वर्तमान में यही समिति मदरसे के सभी कार्यों का संचालन कर रही है।
Madrasa Management Dispute को लेकर वर्तमान समिति ने खोला मोर्चा
वर्तमान समिति को सोशल मीडिया से यह जानकारी मिली कि पूर्व अध्यक्ष जनाब फैसल वली रहमानी द्वारा 11 फरवरी 2026 को बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के एक बैठक बुलाई जा रही है। समिति का आरोप है कि यह कदम पूरी तरह से अवैध है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि सचिव, बिहार राज्य मदरसा बोर्ड ने अपने पत्रांक-1655 (दिनांक 26 दिसंबर 2025) के तहत फैसल वली रहमानी और मोहम्मद इफतेखार आलम द्वारा नई प्रबंध समिति के लिए दिए गए आवेदन को पहले ही खारिज कर दिया था, क्योंकि यह बिहार सरकार नियमावली 2022 के मापदंडों पर खरा नहीं उतरता था।
विवाद सिर्फ बैठक तक ही सीमित नहीं है। आवेदन में यह भी शिकायत की गई है कि मदरसा बोर्ड के पूर्व प्राचार्य और सेवानिवृत्त मोहम्मद तौहीद अवैध रूप से मदरसा परिसर में ही निवास कर रहे हैं। नई प्रबंधन समिति के सचिव ने उन्हें कमरा खाली करने के लिए नोटिस भी दिया था, लेकिन उन्होंने अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन पर आरोप है कि वह मदरसे में रहकर गुटबाजी को हवा दे रहे हैं और विभिन्न प्रकार की साजिशें रच रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पूर्व प्राचार्य पर भी लगे गंभीर आरोप
वर्तमान समिति ने किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए एसडीओ से 11 फरवरी को होने वाली बैठक पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का अनुरोध किया है। एसडीओ शशांक राज ने आवेदन मिलने की पुष्टि की और बताया कि इस मामले की जांच के लिए बिरौल के बीडीओ और बीईओ को शामिल कर एक दो सदस्यीय टीम बनाई गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। टीम को स्थल का निरीक्षण कर 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्यालय में जमा करने का सख्त निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।






