



सियासत की बिसात पर जब मोहरे बिछने शुरू होते हैं, तो हर चाल एक नई कहानी गढ़ती है। आरोपों की आंच में तपकर रिश्तों की डोर भी कभी-कभी टूट सी जाती है। Tej Pratap Yadav: राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सुनियोजित साजिश करार देते हुए कुछ नामों का खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।
Tej Pratap Yadav: क्या है पूरे मामले की जड़?
रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेज प्रताप यादव ने उन पर लग रहे विभिन्न आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें एक सुनियोजित तरीके से फंसाया जा रहा है और इस साजिश के पीछे कुछ खास लोग हैं। यादव ने अपने खिलाफ रची जा रही ‘साजिश’ को उजागर करते हुए इसे राजनीतिक विद्वेष का परिणाम बताया।
तेज प्रताप ने अपनी बात रखते हुए कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत हमलों का दौर हमेशा से रहा है, लेकिन जिस तरह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयासों से उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता और भी मजबूत होगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजद के भीतर ही रहकर पार्टी और उनके परिवार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
पांच ‘जयचंदों’ पर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी के भीतर के ‘जयचंदों’ के नाम उजागर किए, जिससे राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा हो गया। उन्होंने इन पांच लोगों पर उन्हें बदनाम करने और पार्टी के भीतर फूट डालने का आरोप लगाया। हालांकि, इन नामों के सार्वजनिक होने के बाद से ही राजनीतिक हलकों में इन ‘जयचंदों’ की पहचान को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है।
यादव ने दावा किया कि ये लोग शीर्ष नेतृत्व के करीब होने का फायदा उठाकर पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। इस घटनाक्रम से पार्टी की अंदरूनी कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है, जिसने विरोधियों को हमलावर होने का मौका दे दिया है। उन्होंने अपने समर्थकों से एकजुट रहने और इन तत्वों के मंसूबों को नाकाम करने की अपील की।
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, राष्ट्रीय जनता दल के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पार्टी ऐसे आंतरिक मतभेदों को सुलझाने के लिए गंभीर है और जल्द ही इस पर कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सुनील सिंह का पलटवार: ‘गुलाब नहीं, बोल्डर फेंकेंगे’
तेज प्रताप यादव के आरोपों पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधान पार्षद सुनील सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सुनील सिंह ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, ‘हम गुलाब फेंकने वाले नहीं हैं, अगर बात हमारे आत्मसम्मान पर आएगी तो बोल्डर फेकेंगे।’ उनके इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे तेज प्रताप के आरोपों को हल्के में नहीं ले रहे हैं और इसका करारा जवाब देने को तैयार हैं।
सुनील सिंह ने तेज प्रताप के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि ऐसे बयान पार्टी के अनुशासन को भंग करते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे इन आरोपों का विधिवत जवाब देंगे और अगर जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे। बिहार की राजनीति में ऐसे बयानों से अक्सर गर्मागर्मी बढ़ जाती है, और इस बार भी ऐसा ही होता दिख रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पार्टी के भीतर का घमासान
यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर चल रहे शक्ति संघर्ष और आंतरिक कलह को दर्शाता है। एक तरफ जहां तेज प्रताप यादव अपने परिवार और पार्टी के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ पुराने और कद्दावर नेता उनके बयानों से असहज महसूस कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस स्थिति से कैसे निपटता है और क्या इन आंतरिक मतभेदों का कोई स्थायी समाधान निकल पाता है।





