



Neena Gupta News: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री नीना गुप्ता का नाम आज हर जुबान पर है, लेकिन सफलता की यह चमक उन्हें यूं ही नहीं मिली। उनके करियर का सफर संघर्षों और कड़वे अनुभवों से भरा रहा है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाएगा।
Neena Gupta ने सुनाया पुराना दर्द, जब सरेआम मिली थीं मां-बहन की गालियां!
Neena Gupta का वो दौर जब सेट पर झेलनी पड़ी बेइज्जती
हाल ही में फिल्म ‘वध 2’ में अपनी दमदार एक्टिंग से वाहवाही लूटने वाली नीना गुप्ता ने एक सनसनीखेज इंटरव्यू में अपने अतीत के पन्ने पलटे हैं। नीना ने इस इंटरव्यू में बताया कि कैसे एक दौर में फिल्मी सेट पर कलाकारों को अपमानित किया जाता था और डायरेक्टर का गुस्सा उन पर उतरता था। नीना के मुताबिक, आज की इंडस्ट्री काफी बदल चुकी है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब सेट पर काम करना किसी चुनौती से कम नहीं था।
नीना गुप्ता ने उस भयानक घटना का जिक्र किया जब एक फिल्म की शूटिंग के दौरान निर्देशक का मूड खराब था और उन्होंने भरी महफिल में नीना को मां-बहन की गालियां दीं। नीना ने दर्द बयां करते हुए कहा, ‘मेरी कोई गलती नहीं थी, बस किसी और बात को लेकर उनका दिमाग खराब था।’ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सेट पर मौजूद सैकड़ों लोगों के सामने नीना फूट-फूटकर रोईं, लेकिन पैसों की जरूरत और काम की मजबूरी ने उन्हें पलटकर जवाब देने की इजाजत नहीं दी। उन्होंने कहा, ‘मैं उस वक्त बेबस थी, मुझे पैसे की सख्त जरूरत थी। अगर मेरे पास कोई और रास्ता होता, तो मैं वो काम कभी नहीं करती।’ यह उस वक्त की फिल्मी दुनिया का कड़वा सच था, जिससे कई कलाकार गुजरे हैं।
शर्मिंदगी भरे रोल और काम मांगने की हिम्मत
नीना गुप्ता ने यह भी बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने कुछ ऐसे रोल भी किए, जिन्हें याद कर आज भी उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। एक बार उन्होंने हंसते हुए, लेकिन दर्द भरे लहजे में बताया कि कैसे एक फिल्म में वे शक्ति कपूर के गैंग की एक मामूली सदस्य थीं, जिसके पास न तो कोई डायलॉग था और न ही कोई खास सीन। उस फिल्म के बाद वे घर आकर भगवान से यही प्रार्थना करती थीं कि वह फिल्म कभी सिनेमाघरों तक न पहुंचे, ताकि उनके जानने वाले उन्हें उस रोल में न देख सकें। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। नीना गुप्ता का असली कमबैक 60 की उम्र के बाद हुआ। उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्होंने हिम्मत करके सोशल मीडिया पर खुलेआम काम मांगा। उनकी इस बेबाकी और ईमानदारी ने पूरी इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींचा और उन्हें मिली फिल्म ‘बधाई हो’। इस फिल्म ने न केवल उन्हें घर-घर में मशहूर किया, बल्कि फिल्मफेयर और नेशनल अवॉर्ड्स की लाइन लगा दी।
उनकी ऑटोबायोग्राफी ‘सच कहूं तो’ में भी उन्होंने अपनी सिंगल मदरहुड और फिल्म इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाइयों को बड़ी बेबाकी से दुनिया के सामने रखा है। नीना गुप्ता की कहानी वाकई प्रेरणादायक है, जो दिखाती है कि संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, हिम्मत और लगन से सफलता जरूर मिलती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



