



Darbhanga News: जब ‘सरकार’ खुद चलकर जनता के द्वार पहुंचती है, तो लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत तस्वीर उभरती है। दरभंगा में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां प्रमंडलीय आयुक्त के दरबार में आम लोगों की समस्याओं पर सीधी और त्वरित सुनवाई हुई।
दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त, हिमांशु कुमार राय ने सोमवार को प्रमंडलीय सभागार में एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, संवेदनशील एवं जनता के प्रति जवाबदेह बनाना था। इस दौरान आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के लिए ऐसे संवाद कार्यक्रम बेहद आवश्यक हैं।
Darbhanga News: जनता और प्रशासन के बीच सेतु बनी जनसुनवाई
आयुक्त के समक्ष आज लगभग 20 आवेदन सुनवाई के लिए प्रस्तुत किए गए। इन आवेदनों में मुख्य रूप से कई वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और अन्य गंभीर जनसमस्याएं शामिल थीं। आयुक्त ने एक-एक मामले को बड़ी गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर हाल में शिकायतों का निवारण शीघ्र और विधिसम्मत तरीके से सुनिश्चित किया जाना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जनसुनवाई में आए लोगों के लिए कार्यालय परिसर में बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ शुद्ध पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई थीं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी तरीके से समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में, प्रत्येक सप्ताह के दो कार्य दिवस, सोमवार एवं शुक्रवार, को सभी सरकारी कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारी अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अधिकारियों को मिली समयसीमा में काम पूरा करने की हिदायत
जनसुनवाई के दौरान आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि प्राप्त शिकायतों का निपटारा एक निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मामलों की नियमित रूप से समीक्षा भी होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि आदेश का पालन हुआ है या नहीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
खासकर जमीन से जुड़े जटिल मामलों और अतिक्रमण की शिकायतों पर उन्होंने विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। सभी शिकायतों का विधिवत पंजीकरण किया गया ताकि उनकी प्रगति को ट्रैक किया जा सके। इस पहल से स्थानीय लोगों में एक नई उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान सीधे बड़े अधिकारियों के स्तर पर हो सकेगा।



