



Fake Excise Officers: क़ानून की वर्दी पहनकर, जब कुछ भेड़िये ही रक्षक से भक्षक बन जाते हैं, तब व्यवस्था पर सवाल उठना लाज़मी है। मधुबनी में ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ नकली अधिकारियों ने शराबबंदी का डर दिखाकर लोगों को लूटना चाहा।
Fake Excise Officers: मधुबनी में ‘फर्जी’ उत्पाद अधिकारियों का पर्दाफाश, 80 हजार की डील में खुली पोल!
Fake Excise Officers: मधुबनी उत्पाद विभाग ने ऐसे दो फर्जी अधिकारियों को धर दबोचा है, जिन्होंने खुद को उत्पाद अधिकारी बताकर अवैध वसूली का एक बड़ा खेल शुरू किया था। जिले में सक्रिय इन दो नकली सरकारी अधिकारियों को मधुबनी उत्पाद विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी राजनगर थाना क्षेत्र के पिलखवार के पास सोमवार देर रात की गई, जिसकी पुष्टि उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने की। इन गिरफ्तारियों के साथ ही नकली सरकारी अधिकारियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली के खेल पर लगाम लग गई है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ये दोनों आरोपी खुद को उत्पाद विभाग का अधिकारी बताकर आम लोगों से अवैध वसूली कर रहे थे। इसी क्रम में, नगर थाना पुलिस ने जयनगर थाना क्षेत्र के कमलाबारी निवासी सुभाष यादव को भी हिरासत में लिया है, जिन्हें इस पूरे मामले में पीड़ित बताया गया है।
कैसे हुआ Fake Excise Officers के रैकेट का खुलासा?
उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने फर्जी अधिकारी बनकर सुभाष यादव को शराबबंदी कानून के तहत कार्रवाई की धमकी दी थी और उनसे 80 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित सुभाष यादव की सूचना पर उत्पाद विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए नगर थाना पुलिस के सहयोग से एक जाल बिछाया।
पुलिस ने आरोपियों को रंगे हाथों उस समय दबोचा जब वे पीड़ित से वसूली की कोशिश कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान, आरोपियों के पास से बिना नंबर प्लेट की एक स्प्लेंडर मोटर साइकिल भी जब्त की गई है। इस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल वे लोगों को डराने-धमकाने और भ्रमित करने के लिए करते थे, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये आरोपी पहले भी कई लोगों से इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुके हैं और यह अवैध वसूली का उनका पहला मामला नहीं था।
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आम जनता से अपील और कार्रवाई का संदेश
उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को उत्पाद विभाग या किसी अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर पैसे की मांग करता है, तो तुरंत संबंधित थाना या विभाग को इसकी सूचना दें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे फर्जी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी सूरत में उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना दर्शाती है कि समाज में धोखाधड़ी करने वाले और अवैध वसूली करने वाले सक्रिय हैं और सतर्कता ही बचाव का एकमात्र उपाय है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हमें उम्मीद है कि यह कार्रवाई ऐसे अन्य अपराधियों को भी संदेश देगी कि कानून से खिलवाड़ महंगा पड़ सकता है।

