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फ़रवरी, 10, 2026
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मेरी मां राबड़ी ‘लड़की’ नहीं वो… Nitish Kumar पर लालू परिवार आग बबूला… बात निकली है तो, दूर तलक… ‘मानसिक कुंठा’… डिमेंशिया से दुष्कर्म और प्रोत्साहन तक….

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Nitish Kumar: सियासत की जुबान जब फिसलती है, तो रिश्तों पर जमी बर्फ और सख्त हो जाती है। बिहार में मुख्यमंत्री के एक ‘लड़की’ शब्द ने सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, जिससे लालू परिवार आगबबूला हो गया है।

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राबड़ी को ‘लड़की’ कहना Nitish Kumar को पड़ा भारी, लालू की बेटी ने ‘मानसिक कुंठा’ से बताया ग्रस्त

बिहार विधान परिषद में एक बहस के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को ‘लड़की’ कह कर संबोधित किया, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में तूफान आ गया है। इस एक शब्द ने लालू परिवार के गुस्से को भड़का दिया है और अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चौतरफा हमलों से घिर गए हैं। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य से लेकर तेजस्वी यादव तक ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए मोर्चा खोल दिया है।

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मेरी मां राबड़ी 'लड़की' नहीं वो... Nitish Kumar पर लालू परिवार आग बबूला... बात निकली है तो, दूर तलक... 'मानसिक कुंठा'... डिमेंशिया से दुष्कर्म और प्रोत्साहन तक....

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क्या Nitish Kumar ने लांघी भाषाई मर्यादा?

मुख्यमंत्री के इस बयान पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया सिंगापुर में रह रहीं लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि माननीय मुख्यमंत्री जी की आदत बन चुकी है “संसदीय भाषाई मर्यादा लांघने की”। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है, दर्जनों बार मुख्यमंत्री ने सदन में और सार्वजनिक मंचों पर, विशेषकर महिलाओं के संदर्भ में, अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है। रोहिणी ने आगे लिखा, “जब तर्क और तथ्यों का टोंटा पड़ जाता है, तभी व्यक्ति भाषा की सीमा लांघ कर अपनी खीज और वैचारिक खोखलेपन का इजहार करता है।” उनके अनुसार, मुख्यमंत्री के पिछले कुछ वर्षों के बयान यह स्पष्ट करते हैं कि वह महिलाओं के प्रति मानसिक-वैचारिक कुंठा से ग्रस्त हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  Bihar Farmer Registry: वैशाली में बिहार फार्मर रजिस्ट्री ने मारी बाजी, डिजिटल आईडी बनाने में सबसे आगे!

तेजस्वी ने डिमेंशिया से की तुलना

वहीं, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने पिता और मां पर की गई इस टिप्पणी को लेकर मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर ही सवाल उठा दिया है। उन्होंने कहा कि डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है, जहाँ सिर्फ सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही की जा सकती है। तेजस्वी ने सवाल किया कि प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को “लड़की” कहने वाले और महिलाओं के प्रति अपनी संकीर्ण व दोषपूर्ण सोच का बार-बार प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री को आखिर क्या कहा जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की इसी मानसिकता के कारण ही बिहार में हर दिन सैंकड़ों बच्चियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को प्रोत्साहन मिलता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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