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फ़रवरी, 10, 2026
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Indian Agriculture Crisis भारतीय कृषि संकट पर अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को घेरा, बोले- विदेशी आयात किसानों को करेगा तबाह

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Indian Agriculture Crisis: भारतीय कृषि का भविष्य आज एक चौराहे पर खड़ा है, जहां सरकार की नीतियों के कारण किसान अपनी ही ज़मीन पर बेगाने होते दिख रहे हैं। खेत-खलिहानों से लेकर मंडियों तक, हर जगह अनिश्चितता का बादल मंडरा रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वह विदेशी आयात पर निर्भरता बढ़ाकर भारतीय कृषि को गहरे संकट में धकेल रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कृषि से संबंधित प्रत्येक वस्तु विदेश से आयात की जाएगी, तो देश के किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे। यादव ने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में किसान क्या उगाएंगे, क्या बेचेंगे और अपनी कड़ी मेहनत की कमाई से अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे।

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भारतीय कृषि संकट: आखिर क्यों बढ़ रही आयात पर निर्भरता?

लोकसभा में केंद्रीय बजट पर हो रही चर्चा के दौरान भाग लेते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बजट पेश होने से पहले और बाद में भी अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर लगातार बातचीत चल रही थी। उन्होंने भाजपा सरकार से पूछा कि आखिर कितने देश बचे हैं जिनसे अभी तक मुक्त व्यापार समझौता नहीं हो पाया है। सपा प्रमुख ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ “डील” नहीं, बल्कि “ढील” हुई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि यही समझौता होना था, तो इसके लिए 11 महीने का लंबा इंतजार क्यों करवाया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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यादव ने भारतीय उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे 18 प्रतिशत शुल्क और अमेरिकी उत्पादों पर भारत में शून्य शुल्क का हवाला देते हुए तीखा व्यंग्य किया। उन्होंने पूछा कि “हमारे देश की जनता जानना चाहती है कि शून्य बड़ा है या 18? क्या भाजपा का गणित यह है कि शून्य और 18 बराबर हैं?” उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जब सब कुछ विदेश से आएगा, तो देश के किसान आखिर क्या पैदा करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट दिशाहीन है और इसमें 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं है।

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किसानों और मजदूरों को बजट से निराशा

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि इस बजट में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के लिए कुछ भी विशेष नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि किसान और मजदूर बजट में अपने लिए मिली “राहत” को दूरबीन लगाकर ढूंढ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे दावा किया कि “प्रधान संसदीय क्षेत्र” वाराणसी में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। यादव ने आरोप लगाया कि वाराणसी में लगभग 100 मंदिरों को ध्वस्त किया गया है और नेपाल नरेश द्वारा भेंट किया गया घंटा भी अब लापता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह सब दिखाते हुए, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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