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फ़रवरी, 10, 2026
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Darbhanga Court News: दरभंगा न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला, बार एसोसिएशन के खाते में जमा होंगे हजारों रुपए

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Darbhanga Court News: न्याय के तराजू पर जब समाज का संतुलन डगमगाता है, तब न्यायालय और अधिवक्ता ही वो धुरी बनते हैं जो इसे थामे रखते हैं। इस व्यवस्था के संचालन में भले ही न्यायालयों को सरकारी संबल मिलता हो, लेकिन अधिवक्ताओं के अपने संघ अक्सर आर्थिक चुनौतियों से जूझते हैं। इसी पृष्ठभूमि में, दरभंगा से एक ऐसा अदालती फैसला सामने आया है जिसने वकील समुदाय में हर्ष की लहर दौड़ा दी है।

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Darbhanga Court News: न्यायालय का ऐतिहासिक कदम और बार एसोसिएशन को संबल

अपर सत्र न्यायाधीश सह उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश रविशंकर कुमार की अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। जमानत याचिका संख्या 190/26 के आवेदक को दस हजार रुपये दरभंगा बार एसोसिएशन के खाता में जमा करने का निर्देश दिया गया है। आवेदक को जमा रसीद को बंधपत्र के साथ न्यायालय में समर्पित करना होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह फैसला दरभंगा के अधिवक्ता संघ के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।

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इसी कड़ी में, कोर्ट ने जीओ वाद संख्या 47/16 के अभियुक्त को भी तीन हजार रुपये बार एसोसिएशन के खाता में जमा करने का आदेश दिया है। इन फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ न्यायिक समुदाय के कल्याण के प्रति भी संजीदा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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उत्पाद के स्पेशल एपीपी हेमंत कुमार ने इस जानकारी की पुष्टि की है। इस फैसले से दरभंगा बार एसोसिएशन के लगभग 2200 सदस्य अत्यंत आह्लादित हैं। महासचिव कृष्णकुमार मिश्रा ने विशेष न्यायाधीश रविशंकर कुमार का इस दूरदर्शी निर्णय के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया है। यह कदम अधिवक्ता संघ को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक होगा और न्यायिक व्यवस्था के बेहतर संचालन में भी योगदान देगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

न्यायिक व्यवस्था में एक नई पहल

यह आदेश सिर्फ वित्तीय सहायता से कहीं बढ़कर है; यह न्यायिक समुदाय की अहमियत को रेखांकित करता है। जब वकील समुदाय आर्थिक रूप से स्थिर और सशक्त होता है, तो वे बिना किसी बाधा के न्याय दिलाने में अपनी भूमिका और प्रभावी ढंग से निभा पाते हैं। यह फैसला बिहार की न्यायिक व्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत कर सकता है, जिससे अन्य जिलों के बार एसोसिएशनों को भी ऐसी ही राहत मिलने की उम्मीद जगी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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