



Anticipatory Bail: कानून की चौखट पर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फिर गया, जब दरभंगा की अदालतों ने एक के बाद एक कई संगीन मामलों में अभियुक्तों की अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया। अब इन अभियुक्तों के पास सलाखों के पीछे जाने या पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
Anticipatory Bail पर अदालत का सख्त रुख
सत्र न्यायाधीश शिवगोपाल मिश्रा की अदालत ने सोनकी थाना कांड संख्या 107/24 में जानलेवा हमले के पांच आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को निष्पादित करते हुए उन्हें तत्काल न्यायालय में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह कड़ा आदेश सोनकी थाना क्षेत्र के महापारा गांव निवासी अनूज लालदेव, भिसन लाल देव, छोटू लालदेव, सावन लालदेव और नागो लालदेव के खिलाफ जारी किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, एक अन्य मामले में अपर सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की अदालत ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए सदर थाना कांड संख्या 38/25 के अभियुक्त ककरघट्टी निवासी छोटू यादव उर्फ धर्मेंद्र कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। छोटू यादव पर भी प्राणलेवा हमले का गंभीर आरोप है।
धोखाधड़ी और अन्य मामलों में भी राहत नहीं
अदालत की सख्ती सिर्फ जानलेवा हमले के मामलों तक ही सीमित नहीं रही। दरभंगा व्यवहार न्यायालय ने अन्य मामलों में भी नरमी नहीं दिखाई। अपर सत्र न्यायाधीश आदिदेव की अदालत ने एक महत्वपूर्ण मामले में नेहरा थाना कांड संख्या 02/26 के नामजद अभियुक्त और उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, राघोपुर डेयोढी के पूर्व प्रधानाध्यापक अभिषेक कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। उन पर छात्रों से परीक्षा शुल्क वसूल कर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को जमा नहीं करने का गंभीर आरोप है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इसके अतिरिक्त, सिमरी थाना कांड संख्या 326/25 में पहले से जेल में बंद आरोपी सुजीत कुमार झा का नियमित जमानत आवेदन और इसी मामले के एक अन्य आरोपी यशवंत कुमार की अग्रिम जमानत याचिका भी न्यायालय ने खारिज कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब इन सभी अभियुक्तों के लिए जमानत पाने का एकमात्र रास्ता पटना उच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल करना बचा है।




