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फ़रवरी, 10, 2026
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बजट 2026-27: ‘आयकर’ की जटिलता अब अतीत की बात, ₹12 लाख तक की आय पर नो टैक्स!

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Income Tax: वित्त वर्ष 2026-27 का बजट बड़े करों में कटौती की घोषणाओं से अधिक कराधान को सरल, सुगम और तनाव-मुक्त बनाने पर केंद्रित है। यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जो न केवल सरकारी खजाने के लिए स्थिरता सुनिश्चित करता है, बल्कि आम आदमी के लिए कर अनुपालन की प्रक्रिया को भी मानवीय बनाता है।

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बजट 2026-27: ‘आयकर’ की जटिलता अब अतीत की बात, ₹12 लाख तक की आय पर नो टैक्स!

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि आगामी बजट का मुख्य लक्ष्य करदाताओं के लिए एक सहज अनुभव प्रदान करना है। इस बार, सरकार ने आय कर स्लैब और दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है, जो एक स्थिर वित्तीय नीति का संकेत है। हालांकि, विभिन्न कटौतियों के बाद, 12 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को प्रभावी रूप से शून्य कर देना होगा, जो मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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यह कदम उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो अपनी आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बचत या निवेश के माध्यम से सुरक्षित करते हैं। सरकार का मानना है कि कर प्रणाली को आसान बनाने से लोग स्वेच्छा से अधिक ईमानदारी से कर जमा करेंगे, जिससे अंततः राजस्व में वृद्धि होगी।

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आयकर नियमों में नया युग: आसान अनुपालन और पारदर्शिता

अप्रैल 2026 से एक नया आयकर अधिनियम लागू होगा। इस अधिनियम को बेहद सरल भाषा में तैयार किया गया है, ताकि हर करदाता इसे आसानी से समझ सके। इसका उद्देश्य अनुपालन को आसान बनाना, कानूनी पेचीदगियों को कम करना और करदाताओं पर दैनिक अनुपालन के बोझ को कम करना है।

इस नए अधिनियम के तहत, फाइलिंग की समय-सीमा, संशोधित रिटर्न (revised returns), टीडीएस-टीसीएस (TDS-TCS) के नियम और अपील की प्रक्रियाओं को भी सरल बनाया गया है। यह सब मिलकर कर प्रणाली को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। देश की आर्थिक प्रगति में एक मजबूत कर प्रणाली का योगदान अतुलनीय है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

सरलीकृत कर प्रणाली का व्यापक प्रभाव

कुल मिलाकर, यह बजट दैनिक अनुपालन के दबाव को कम करने और स्वैच्छिक, परेशानी मुक्त कर फाइलिंग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। करदाताओं को अब जटिल नियमों और अंतहीन कागजी कार्रवाई से जूझना नहीं पड़ेगा। यह सुधार न केवल व्यक्तियों के लिए बल्कि व्यवसायों के लिए भी एक सकारात्मक माहौल तैयार करेगा, जिससे वे अपना ध्यान विकास और नवाचार पर केंद्रित कर सकें। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

यह उम्मीद की जा रही है कि एक आसान और पारदर्शी कर प्रणाली देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और निवेश को आकर्षित करेगी। सरकार का यह प्रयास एक प्रगतिशील और जन-केंद्रित कर व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह सुनिश्चित करेगा कि भारत की अर्थव्यवस्था एक मजबूत और निष्पक्ष वित्तीय ढांचे पर आगे बढ़े। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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